बोर्ड परीक्षा नजदीक आते ही परीक्षार्थी सफलता का शार्टकट तलाशने लगे हैं। जबकि शिक्षकों का कहना है कि सफलता के लिए कोई शार्टकट नहीं होता।
सिर्फ मेहनत से की गई पढ़ाई ही परीक्षा में काम आती है। बता दें कि यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 18 फरवरी से शुरू हो रही हैं। बोर्ड परीक्षा की उल्टी गिनती शुरू होते ही साल भर मौज मस्ती के बाद परीक्षार्थी अब गंभीर हो गए हैं।
उनका परीक्षा की तैयारी के चलते आत्मविश्वास डोलने लगा है। छात्र गेस पेपर आदि से परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। जबकि शिक्षक स्पष्ट मानते हैं कि गेस पेपर से की गई परीक्षा की तैयारी में सफलता की कोई गारंटी नहीं है।
अशोक इंटर कॉलेज सरावा के प्रधानाचार्य गिरिराज त्यागी ने बताया कि परीक्षा में कई बार प्रश्नों को घुमा फिराकर पूछा जाता है। किताबों की गहनता से अध्ययन करने वाले परीक्षार्थी तो आसानी से प्रश्न पत्रों को हल कर लेते हैं, लेकिन शार्टकट अपनाने वाले चक्कर काट जाते हैं।
उनका कहना है कि बोर्ड परीक्षा शुरू होने में अब ज्यादा समय शेष नहीं रहा है। ऐसे में टाइम टेबल बनाकर परीक्षा की तैयारी की जाए। कठिन प्रश्नपत्रों पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।
प्रश्नपत्रों को रटने से ज्यादा समझना चाहिए। समझे हुए प्रश्न जल्दी याद होते हैं और उन्हें भूलने की संभावना भी कम रहती है।