कृषि कानूनों के विरोध में राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन ने भी जिलों में क्रमिक अनशन शुरू कर दिया है। संगठन के संयोजक वीएम सिंह के आह्वान पर सोमवार को जिले के 15 गांवों में किसान अनशन पर बैठ गए। संगठन ने आने वाले दिनों में अनशन तेज करने के लिए किसानों को जागरूक करना शुरू कर दिया है।
संगठन के संयोजक ने पिछले सप्ताह हापुड़ व अन्य जिलों के कार्यकर्ताओं के साथ दिल्ली में बैठक की थी। उन्होंने कहा था कृषि कानूनों के विरोध में एक मार्च से गांवों में सुबह 9 से शाम 5 बजे तक क्रमिक अनशन होगा। तीन बजे हर अनशनकारी दो-दो मिनट का अपना परिचय देते हुए प्रधानमंत्री को अपना संदेश भेजेंगे, जिससे उनकी आवाज सीधा प्रधानमंत्री तक पहुंचेगी।
संगठन के प्रदेश प्रवक्ता मुकुल त्यागी ने बताया कि एक मार्च से जिले के गांवों में आंदोलन छेड़ दिया गया है। पहले दिन क्षेत्र के गांव दादरी, वझीलपुर, ददायरा, श्यामपुर, धनौरा, टियाला, गजालपुर आदि गांवों में किसानों ने क्रमिक अनशन किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में चल रहे आंदोलन में सफलता न मिलने के बाद नए स्वरूप में आज से प्रत्येक गांव और प्रत्येक किसान व मजदूर को आंदोलन से जोड़ने के लिए अभियान शुरू किया गया है।
प्रत्येक गांव से प्रतिदिन पांच किसान व मजदूर मिलकर अनशन पर बैठेंगे। उन्होंने बताया कि 11 बजे कृषि बिल की कमियों के संबंध में तथा एमएसपी पर खरीद की जरूरत और गन्ने की कीमत बढ़ाए जाने व भुगतान आदि की समस्याओं पर चर्चा करके समझाया गया। तीन बजे अनशन रत किसानों दो -दो मिनट का अपना परिचय सहित वक्तव्य प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को सोशल मीडिया के माध्यम से भेजा।
सप्ताह के अंत में हर गांव में होगा भंडारा : जिला मीडिया प्रभारी ज्ञानेंद्र त्यागी ने बताया कि आंदोलन के अंतिम सप्ताह में किसानों द्वारा अन्न एकत्र किया जाएगा और इसके बाद सामूहिक रूप से भंडारे का आयोजन किया जाएगा। भंडारे के आयोजन से सरकार को संदेश देने का प्रयास किया जाएगा कि किसान दूसरों का पेट भरने में सक्षम है।