मोहल्ला लज्जापुरी गली नंबर 10 में टेंट व्यापारी मुकेश कर्दम का शव उसी के घर में आंगन में लहूलुहान हालत में पड़ा मिला था। शव के हाथ पैर बंधे हुए थे और उसके मुंह में कपड़ा भी ठुसा हुआ था। मुकेश अपने मकान में पत्नी, दो पुत्र व एक पुत्री के साथ रहता था। 18 सितंबर को वह पत्नी और बच्चों को अपनी ससुराल छोड़कर वापस आया था और घर पर अकेला था। जब कई दिन तक मुकेश का फोन नहीं उठा तो गुरुवार सुबह उसकी पत्नी भाई व बच्चों के साथ वापस लौटी तो उसने घर के अंदर शव पड़ा देखा। तभी से पुलिस मामले की जांच कर रही थी।
फोन से मिले अहम सुराग
व्यापारी का वाट्सएप व फेसबुक की चैट खंगालने पर कुछ चौंकाने वाले तथ्य प्रकाश में आए। जिसमें पता चला है कि करीब एक माह पहले फेसबुक के जरिए जिला मेरठ के थाना जानी क्षेत्र के गांव धौलड़ी निवासी हसन से हुई थी। वर्तमान में हसन जिला गाजियाबाद के थाना मोदीनगर क्षेत्र के राज चौपला स्थित एक जर्राह की दुकान पर काम करता है। फेसबुक के जरिए दोनों में समलैंगिक संबंध हो गए। 18 सितंबर को व्यापारी ने हसन को फोन कर अपने घर बुलाया।
घर के अंदर पहले मुकेश ने हसन के हाथ बांधकर शारीरिक संबंध बनाए और उसकी पिटाई कर दी। इसके बाद हसन ने व्यापारी के हाथ बांधे और शारीरिक संबंध बनाए। लेकिन पिटाई से क्षुब्ध हसन ने तवे से मुकेश के सिर पर 30 से अधिक बार वार कर लहूलुहान कर दिया। इसके बाद चाकू से उसके शरीर को कई जगह से गोदकर हत्या कर दी। गिरफ्तार कर उसे जेल भेज दिया गया है।
चार घंटे तक शव के पास बैठा रहा आरोपी
पुलिस के अनुसार घटना को अंजाम करीब 12 बजे दिया गया। लेकिन हत्या के बाद आरोपी तुरंत फरार नहीं हुआ और चार घंटे तक शव के पास ही बैठा रहा। घर में आते और जाते वह एक सीसीटीवी में कैद हुआ था, लेकिन उस समय उसकी पहचान नहीं हो सकी थी। उसे यकीन था कि वह पकड़ा नहीं जाएगा। लेकिन पुलिस ने उसे खोज निकाला।