फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तीन लेन बंद होने के कारण टोल प्लाजा पर वाहनों का 40 मिनट तक लगा जाम

विज्ञापन
छिजारसी टोल प्लाजा पर लगा वाहनों का जाम। - फोटो : PILAKHWA
विज्ञापन
छिजारसी टोल की तीन लेन बंद होने पर 40 मिनट जाम में फंसे वाहन
विज्ञापन

पिलखुवा। छिजारसी टोल प्लाजा पर शुक्रवार को तीन लेन बंद होने के कारण वाहनों की लंबी लाइन लग गई। तकनीकी खराबी के चलते दो लेन और एक लेन में ट्रक खराब होने के चलते लगभग 40 मिनट तक वाहन जाम में फंसे रहे। हापुड़ से गाजियाबाद की तरफ जाने वाले वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। लेन चालू होने के बाद जाम खुल सका।
नेशनल हाईवे स्थित छिजारसी टोल प्लाजा पर 18 लेन संचालित हैं। जिसमें दोनों तरफ नौ-नौ नंबर की लेन आपातकालीन वाहन एंबुलेंस, पुलिस, फायर बिग्रेड समेत अन्य वाहनों के लिए निर्धारित है। शुक्रवार दोपहर हापुड़ से गाजियाबाद की ओर जाने वाली प्लाजा की दो लेन में तकनीकी खराबी आ गई वहीं चार नंबर की लेन में एक ट्रक खराब हो गया। जिसके कारण तीनों लेन ही बंद हो गईं। वाहनों का दबाव बढ़ने के कारण टोल पर जाम लग गया। वहीं दूसरी लेन में भी फास्टैग के ब्लैकलिस्ट होने अथवा रिचार्ज न होने के कारण भी दूसरी लेन से वाहनों के निकलने में दिक्कत हुई। वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। छिजारसी चौकी के सामने तक वाहनों की लाइन लग गई। काफी मशक्कत के बाद टोल प्रबंधन ने दोनों लेन की तकनीकी खराबी को ठीक कराया वहीं खराब ट्रक को भी वहां से हटवाकर लेन को सुचारु कराया। लगभग 40 मिनट बाद जाम खुल सका।
विज्ञापन

कोट-
दो लेन तकनीकी खराबी के चलते बंद रहीं वहीं एक लेन में ट्रक खराब हो गया था। लेकिन थोड़ी देर में ही इन्हें चालू करा दिया गया। जाम भी ज्यादा देर के लिए नहीं लगा। - धीरेंद्र कुमार, प्रबंधक छिजारसी टोल प्लाजा।
विज्ञापन

टोल प्लाजा पर बने रहते जाम के हालात
टोल प्लाजा पर अक्सर जाम के हालात बने रहते हैं। इसका कारण चालकों द्वारा शुल्क देने में देरी एवं फास्टैग ब्लैक लिस्ट होना रहता है। चालक प्लाजा पर पहुंचने पर ही फास्टैग कार्ड को रिचार्ज करते है, जबकि ब्लैक लिस्ट कार्ड को रिचार्ज करीब तीन मिनट बाद एक्टिव होता है। वहीं जिनके फास्टैग रिचार्ज नहीं होते हैं तो उनसे दोगुना टोल मांगा जाता है, जिसे देने में वाहन चालक आनाकानी करते हैं। इसके कारण नोकझोंक भी होती है और अक्सर जाम की समस्या भी बन जाती है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें