डंपिंग ग्राउंड के विरोध में धरना पर बैठे कई गांवों के ग्रामीण।
- फोटो : PILAKHWA
ग्रामीण धरनास्थल पर दीप जलाकर मनाएंगे दिवाली
पिलखुवा। गालंद में प्रस्तावित डंपिंग ग्राउंड के विरोध में धरने पर बैठे ग्रामीण परिजनों के साथ धरनास्थल पर ही दीप जलाकर त्योहार मनाएंगे। ग्रामीणों का बुधवार को भी 32वें दिन धरना जारी रहा। वहीं रिपोर्ट दर्ज होने पर ग्रामीणों में निगम के अधिकारियों के खिलाफ गुस्सा है।
गाजियाबाद नगर निगम द्वारा गांव गालंद में खरीदी जमीन पर कूड़ा प्रोसेसिंग करने के लिए वेस्ट टू एनर्जी प्लांट लगाना चाहता है। इसका गालंद समेत कई गांवों के ग्रामीण उसका विरोध कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यहां पर डंपिंग ग्राउंड बनाने से संक्रमण रोग फैलेंगे। कई गांवों के ग्रामीण तीन अक्तूबर से धरने पर बैठे हैं। धरना समाप्त कराने के लिए गाजियाबाद और हापुड़ प्रशासन के अधिकारी कई बार ग्रामीणों के साथ बैठक कर चुके हैं। मगर, अभी तक समस्या का हल नहीं निकला है। वहीं दूसरी ओर मंगलवार को पिलखुवा थाने में गाजियाबाद नगर निगम द्वारा ग्रामीणों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जा चुकी है। इस कारण ग्रामीणों में रोष है। ग्रामप्रधान गालंद संजय कोरी का कहना है कि रिपोर्ट दर्ज करने के पीछे प्रशासन एवं पुलिस का मकसद उनके आंदोलन को कमजोर करना है, लेकिन ग्रामीण किसी कीमत पर भी प्लांट नहीं बनने देंगे। आठ नवंबर को होने वाली महापंचायत के बाद से आंदोलन को और तेज किया जाएगा। बुधवार को भी धरनास्थल पर ग्राम गालंद, लाखन, छिजारसी, पिपलेड़ा आदि गांवों के ग्रामीण मौजूद रहे।
--
ग्रामीणों की पल-पल की गतिविधि पर नजर रखी जा रहा है। धरना समाप्त करने के लिए ग्रामीणों को समझाने का भी प्रयास किया जा रहा है। शीघ्र ही समस्या का हल निकाल लिया जाएगा। - डॉ. तेजवीर सिंह, सीओ पिलखुवा।