डंपिंग ग्राउंड पहुंचे निगम कर्मियों को ग्रामीणों ने खदेड़ा
पिलखुवा। गाजियाबाद नगर निगम द्वारा गालंद में डंपिंग ग्राउंड बनाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। ग्रामीणों के विरोध के चलते डंपिंग ग्राउंड में कूड़ा नहीं डल रहा है। ऐसे में बुधवार को कूड़ा प्रोसेस करने वाली मशीन लेकर पहुंचे निगम के कर्मचारियों को ग्रामीणों के विरोध के चलते वापस लौटना पड़ा। सूचना पर पहुंचे सैकड़ों ग्रामीणों ने हंगामा व नारेबाजी की। वहीं 25वें दिन भी डंपिंग ग्राउंड के विरोध में ग्रामीणों का धरना जारी रहा।
गाजियाबाद नगर निगम द्वारा मसूरी नहर पटरी के किनारे गालंद गांव में 44.25 एकड़ जमीन खरीदी थी। निगम ने गाजियाबाद और आसपास के क्षेत्र का कूड़ा निस्तारण करने के लिए वेस्ट टू एनर्जी प्लांट प्रस्तावित किया था। लेकिन प्लांट का गांलद समेत कई गांवों के ग्रामीण विरोध कर रहे हैं। इसी के विरोध में गत तीन अक्तूबर से चिन्हित जमीन के पास ग्रामीणों का धरना चल रहा है। गाजियाबाद और हापुड़ के पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी भी ग्रामीणों से वार्ता कर धरना समाप्त करने का प्रयास कर चुके है, लेकिन सहमति नहीं बन सकी है। धरनारत ग्रामीणों द्वारा संघर्ष समिति का गठन किया जा चुका है। बुधवार को भी ग्रामीणों का धरना चल रहा था। तभी उन्हें सूचना मिली की गाजियाबाद नगर निगम के कर्मचारी कूड़ा निस्तारण के लिए मशीन लेकर डंपिंग ग्राउंड आए हैं। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने निगम के कर्मचारियों का घेराव व हंगामा किया। समिति के पदाधिकारी मनोज तोमर ने बताया कि गाजियाबाद नगर निगम कर्मी कूड़ा प्रोसेस करने वाली मशीन को लेकर डंपिंग ग्राउंड पर पहुंचे थे। लेकिन ग्रामीणों के विरोध के चलते निगम कर्मी मशीन लेकर वापस लौट गए। किसी भी हाल में गालंद में डंपिंग ग्राउंड नहीं बनने दिया जाएगा। धरना देने वालों में मनवीर सिंह, विजय कुमार, राजू तोमर, संजय कोरी, मनोज तोमर, दीपक तोमर, विनोद तोमर, पवन तोमर, परवीन, अमर तोमर, योगेश तोमर, राहुल तोमर, धर्मपाल मास्टर, हरिओम तोमर, अनुराग ठाकुर, संजीव, पवन तोमर, मुकेश तोमर आदि उपस्थित रहे।
महापंचायत की तैयारी में ग्रामीण
डंपिंग ग्राउंड के विरोध में ग्रामीण महापंचायत की घोषणा कर चुके हैं। दिवाली से पहले महापंचायत होनी है, इसके लिए गांवों में जनसंपर्क किया जा रहा है। मंगलवार से समिति ने हस्ताक्षर अभियान की भी शुरूआत कर दी है। समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि हस्ताक्षर युक्त पत्र को प्रदेश के मुख्यमंत्री को भेजा जाएगा।
कूड़ा प्रोसेस करने की मशीन लाने की सूचना ग्रामीणों से मिली है। धरना समाप्त कराने के लिए गाजियाबाद और हापुड़ के अधिकारियों की ग्रामीणों से पूर्व में वार्ता हुई थी, जो विफल रही। मामला दोनों जिलों के अधिकारियों के संज्ञान में है, उन्हीं के निर्देश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - संजय सिंह, तहसीलदार, धौलाना हापुड़।