नाबालिग को अगवा करने के चार आरोपी पंजाब से गिरफ्तार
हापुड़। चार साल से लापता नाबालिग की बरामदगी में लगी पुलिस ने पंजाब से चार लोगों को दबोचा है। हालांकि नाबालिग और अपहरण का मुख्य आरोपी अभी फरार है। पुलिस मुख्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।
वर्ष 2002 में रसूलपुर निवासी व्यक्ति की पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर हत्या की थी। इस मामले में महिला को सजा हो गई थी। जिसके कारण उसने अपनी नाबालिग पुत्री को अपने दादरी निवासी भाई को सौंप दिया था। जबकि एक पुत्री को उसने जेल में जन्म दिया और उसे बच्ची के ताऊ को पालने के लिए दे दिया था। जबकि पति के हिस्से की जमीन दोनों बेटियों के नाम आ गई। कुछ वर्ष पहले हाईवे निर्माण के दौरान मृतक पति की भूमि अधिग्रहण हो गई और दोनों बेटियों के खाते में 2.35 -2.35 करोड़ की धनराशि डाल दी गई। आरोप है कि मामा ने लेखपाल से मिलकर नाबालिग को दस्तावेजों में बालिग दिखाकर खाते से रुपये निकालने शुरू कर दिए। इसी दौरान महिला सजा पूरी कर बाहर आई और भाई से अपनी पुत्री को वापस मांगा। आरोप है कि मामा ने रुपयों के लालच में उसे गायब करा दिया। वर्ष 2020 में किशोरी की मां ने मुकदमा दर्ज कराया था।
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सोमबीर सिंह ने बताया कि जांच में पता चला कि मामा ने नाबालिग को अपने साले अंकित के साथ उसे पंजाब में छिपा रखा था। बुधवार को पुलिस ने पंजाब के मौहाली से अंकित के पिता समरपाल, मां पप्पी, मकान मालकिन बब्ली और इसमें सहायता करने वाले एक और आरोपी शौकत को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। अंकित और युवती की तलाश की जा रही है।