मंकीपॉक्स : डब्ल्यूएचओ की चेतावनी पर विभाग अलर्ट
हापुड़। कोरोना संक्रमण के बाद मंकी पॉक्स का खतरा बढ़ गया है। डब्ल्यूएचओ की चेतावनी पर स्थानीय स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। निगरानी के लिए 72 सर्विलांस टीम और 373 निगरानी समितियां गठित की हैं। अस्पतालों को इस तरह के लक्षण वाले मरीजों के आने पर तुरंत सूचना देने के आदेश दिए हैं। साथ ही गांवों में भी जागरूकता फैलायी जा रही है।
संक्रामक बीमारी नियंत्रण के नोडल अधिकारी डॉ जेपी त्यागी ने बताया कि जिले में संचालित आठ सीएचसी, एक जिला अस्पताल, उप स्वास्थ्य केंद्र और पीपीसी को मंकीपॉक्स बीमारी को लेकर अलर्ट किया है। इस बीमारी का फिलहाल कोई केस देश के अंदर नहीं है, फिर भी सतर्कता जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार सावधानी से इस बीमारी को दूर किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि इस बीमारी की चपेट में आने से शरीर पर असाधारण दाने (छाले)पड़ जाते हैं। बुखार, तेज दर्द, थकान इसके प्रमुख लक्षण हैं। डब्ल्यूएचओ ने मंकीपॉक्स को लेकर चेतावनी दी है। सर्विलांस टीम अस्पतालों के साथ संपर्क बनाकर रखेंगी, मंकी पॉक्स के लक्षण वाले मरीजों के आने पर तत्काल उसका सैंपल एकत्र कर, लैब भेजा जाएगा। वहीं निगरानी समितियां गांवों में घर घर जाकर लोगों को जागरूक करेंगी। उन्होंने बताया कि इस बीमारी को हल्के में न लें, लक्षण दिखने पर तत्काल विभाग को सूचना दें।
मंकी पॉक्स के लक्षण
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार मंकीपॉक्स से संक्रमित जानवरों के काटने से संक्रमण फैल सकता है। इसके अलावा जानवरों के रक्त, बाल, प्लाज्मा से भी फैल सकता है। संक्रमित जानवर के मांस को सही तरीके से न पकाए जाने पर भी मंकीपॉक्स से संक्रमण हो सकता है। इसके अलावा संक्रमित व्यक्ति के कपड़े, बिस्तर, तौलिए को साझा करने से भी बचना चाहिए।
बीमारी को लेकर किया अलर्ट
मंकीपॉक्स को लेकर अस्पतालों को अलर्ट कर दिया है। फिलहाल इस तरह का कोई मामला नहीं है, फिर भी सतर्कता बरती जाएगी। सर्विलांस टीम और निगरानी समितियों को निर्देशित कर दिया है।
-डॉ रेखा शर्मा, सीएमओ।