फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

टैक्स भरने वाले 2902 किसानों ने ली सम्मान निधि, रिकवरी शुरू

विज्ञापन
विज्ञापन
टैक्स भरने वाले 2902 किसानों ने ली सम्मान निधि, रिकवरी शुरू
विज्ञापन

हापुड़। आयकर जमा करने वाले किसान सम्मान निधि पाकर फंस गए हैं। केंद्र सरकार की ओर से कृषि विभाग को भेजे रिकॉर्ड के मुताबिक आयकर जमा करने वाले ऐसे 2902 किसान चिन्हित हुए हैं। बैंक खाते से आधार और पैन कार्ड लिंक होते ही उनकी पहचान हो गई। कृषि विभाग ने ऐसे किसानों को नोटिस जारी कर, वसूली के आदेश दिए हैं। हालांकि अब तक किसानों ने 17.76 लाख रुपये जमा करा दिए हैं।
हापुड़ जिले के 120836 किसानों ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लिए आवेदन किया। आवेदन के साथ लगाई गई खतौनी के आधार पर किसानों को उनके खातों में सीधे रकम भेजी गई। मार्च 2019 से लेकर अब तक किसी किसान को दस तो किसी को पांच से छह किस्तें मिल चुकी हैं। एक किस्त में दो हजार रुपये मिलते हैं।
विज्ञापन

भारत सरकार के स्तर पर आवेदनों के सत्यापन के दौरान आयकर जमा करने वाले किसानों का जिलेवार रिकॉर्ड खंगाला गया तो परत दर परत खुलती गई। हापुड़ जिले के 2902 किसान मिले जो योजना के पात्र ही नहीं थे। सरकार ने अपात्र किसानों का रिकॉर्ड कृषि विभाग को भेजा तो जांच शुरू हो गई।
इन किसानों को नोटिस जारी कर, गलती का अहसास कराया और खातों में आई किस्तों को वापस करने के आदेश दिए। जिसकी पहल अब शुरू हो गई है, विभाग के खाते में 17.76 लाख रिफंड हुए हैं।
ये किसान होंगे अपात्र
योजना में किसानों के पात्र होने की विभिन्न शर्तें रखी गई हैं, जो घोषणा पत्र के दौरान ही भरनी होती हैं। ऐसे किसान जो पूर्व या वर्तमान सांसद, राज्य व केंद्र सरकार के कर्मचारी, सांविधानिक पद पर तैनात हैं, जिला पंचायत सदस्य, पार्षद, विधायक, पेंशनभोगी, आयकर अदर करने वाले किसानों को अपात्र माना गया है।
योजना को समझें
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत लघु एवं सीमांत किसानों को लाभ दिया जाता है। इस योजना के तहत किसानों को तीन बराबर किस्तों में सालाना छह हजार रुपये मिलने हैं। इसके लिए जिन किसानों के नाम खतौनी में दर्ज थे, उनको आवेदन करने थे। जैसे ही योजना शुरू हुई तो लाभ उठाने के लिए तमाम किसानों ने आवेदन कर दिए, इसमें साक्ष्य छुपाकर लोगों ने योजना का लाभ उठाया।
अब ई-केवाईसी अनिवार्य
शासन ने योजना को पारदर्शी बनाने के लिए ई-केवाईसी की सुविधा शुरू कर दी है, 31 मई तक किसान ई-केवाईसी करा सकते हैं, यह प्रक्रिया पूर्ण नहीं करने वाले किसानों को योजना से वंचित किया जाएगा। बता दें कि अभी तक 55 प्रतिशत किसान ई-केवाईसी नहीं कर सके हैं।
विज्ञापन

किसानों को मिली 10 किस्तों की स्थिति
प्रथम किस्त--120838
द्वितीय किस्त--118630
तृतीय किस्त---118010
चौथी किस्त---115721
पांचवीं किस्त---112583
छठी किस्त-----109798
सातवीं किस्त----100001
आठवीं किस्त---96680
नौवी किस्त-----82227
दसवीं किस्त----66996
( नोट - यह किस्त रुपयों में है )
कोट-
योजना में अपात्र किसान खातों में आयी योजना संबंधी किस्तों का पैसा जमा करा दें। शासन से इस संबंध में आदेश आए हैं। जिन किसानों ने ई-केवाईसी नहीं करायी है वह 31 मई तक करा दें, ताकि उन्हें योजना का लाभ मिल सके।--डॉ वीबी द्विवेदी, उप कृषि निदेशक।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें