ईएनटी सर्जन ने नहीं लिया चार्ज, बिना उपचार लौटे 135 मरीज
हापुड़। नाक, कान, गला के रोग से पीड़ित 135 से अधिक मरीज शुक्रवार को बिना उपचार गढ़ रोड सीएचसी से मायूस लौटे। छह महीने से यहां ईएनटी सर्जन नहीं है, सीएमओ ने 6 मई को सिंभावली सीएचसी पर तैनात सर्जन को हापुड़ सीएचसी में मरीजों की संख्या बढ़ने का हवाला देते हुए यहां चार्ज संभालने के आदेश दिए थे। लेकिन इन आदेशों को ठेंगा दिखा दिया गया, रोजाना मरीज आते हैं और एमबीबीएस चिकित्सकों से ही परामर्श लेकर वापस चले जाते हैं। सर्जरी या अन्य सुविधाओं के लिए प्राइवेट अस्पताल जाने का अंतिम विकल्प है।
कोरोना महामारी के बाद से सबसे अधिक मरीज कान, नाक, गला के बढ़े हैं। इन दिनों प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। इससे गले में खराश, जलन की समस्या बनी हुई है। इसके अलावा नाक, कान में सुन्नपन की समस्या भी आम हो गई है। हापुड़ के गढ़ रोड सीएचसी में प्रतिदिन की ओपीडी 1400 से अधिक है, इसमें बुखार, डायरिया के साथ साथ इन दिनों ईएनटी संबंधी रोगियों की संख्या सबसे अधिक है।
मजे की बात यह है कि बेहद सूक्ष्म अंगों में होने वाले रोगों की बिना जांच किए ही एमबीबीएस डॉक्टर दवा दे रहे हैं। क्योंकि अस्पताल में छह महीने से ईएनटी सर्जन ही नहीं है। इस मामले की शिकायत डीएम कार्यालय तक भी पहुंची। सीएमओ डॉ रेखा शर्मा ने 6 मई को कार्यालय से आदेश पत्र जारी किया। इसमें सिंभावली सीएचसी में तैनात ईएनटी सर्जन को तत्काल प्रभाव से हापुड़ सीएचसी में चार्ज लेने के आदेश दिए गए। लेकिन एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी ईएनटी सर्जन ने जार्च नहीं संभाला।
प्राइवेट में 400 से 800 तक है चिकित्सक की फीस
प्राइवेट अस्पतालों में 400 रुपये से लेकर 800 रुपये तक चिकित्सक की फीस है। इससे कहीं अधिक कीमत की दवाएं आती हैं। गरीब मरीजों के पास इतना पैसा ही नहीं होता कि वह निजी चिकित्सक को दिखा सकें।
सीएचसी में नहीं हो रही सर्जरी
गढ़ रोड स्थित सीएचसी में सबसे अधिक ओपीडी है, लेकिन यहां सर्जरी नहीं होती। जनरल सर्जन बीते पांच महीने से नहीं मिला है। जबकि ईएनअी के ऑपरेशन प्राइवेट अस्पतालों में 50 हजार से एक लाख रुपये तक में होता है। स्वास्थ्य विभाग के जिन अस्पतालों में सर्जन हैं वहां उपकरणों की भारी कमी है।
गर्मी से बढ़े बुखार के मरीज, 220 अस्पताल पहुंचे
भीषण गर्मी की चपेट में आकर 220 मरीजों को बुखार हो गया। सीएचसी में उपचार के लिए इन मरीजों को घंटों तक कतारों में लगना पड़ा। इसके अलावा डायरिया, पेट संक्रमण, चर्म रोगियों की संख्या भी अच्छी खासी रही।
ओपीडी की स्थिति
बुखार---220
चर्म रोगी--123
पेट संक्रमण--85
डायरिया---132
ईएनटी----135
कोट-
सिंभावली सीएचसी में तैनात ईएनटी सर्जन को हापुड़ सीएचसी में चार्ज लेने के आदेश 6 मई को दिए गए थे। हापुड़ सीएचसी में मरीजों की संख्या बढने के कारण यह आदेश दिया था। चिकित्सक ने किस वजह से चार्ज नहीं लिया, इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।--डॉ रेखा शर्मा, सीएमओ।
शुक्रवार को सरकारी अस्पताल में पर्चा बनवाने के लिये लगी मरीजों की भीड़ । संवाद- फोटो : HAPUR