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साइड न मिलने पर फौजी ने की थी बाबूराम की गोली मारकर हत्या

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साइड न देने पर फौजी ने की थी बाबूराम की गोली मारकर हत्या
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हापुड़। सिंभावली थाना क्षेत्र के अंतर्गत मध्य गंग नहर की पटरी पर गांव वैठ के पास 10 अप्रैल को अमरोहा निवासी बाबूराम की हत्या का पुलिस ने खुलासा किया है। मात्र साइड न देने के विवाद में फौजी ने अपने तीन अन्य साथियों के साथ मिलकर बाबूराम की गोली मारकर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद आरोपी अपनी नौकरी पर लौट गया, वह फिलहाल जम्मू मेें तैनात है। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
एसपी दीपक भूकर ने बताया कि अमरोहा के थाना रजबपुर के गांव ईंट करहेड़ा निवासी बाबूराम शर्मा अपनी ससुराल से घर लौट रहा था। रास्ते में अज्ञात हमलावरों ने उसकी पांच गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक के साथ न तो किसी प्रकार की लूटपाट की गई थी और न ही उसकी किसी से रंजिश होने की बात सामने आई थी।
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मामले में पुलिस ने अज्ञात हत्यारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। हत्याकांड का खुलासा करने के लिए एसओजी प्रभारी धर्मेंद्र सिंह और सिंभावली थाना प्रभारी योगेंद्र कुमार के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया था।
बृहस्पतिवार रात टीम को जानकारी मिली कि हत्याकांड में शामिल दो हत्यारोपी कस्बा हरोड़ा रोड पुल के नीचे खड़े हैं। टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी बुलंदशहर के थाना अगौता के गांव बोंड्रा निवासी अनुज और थाना बीबीनगर क्षेत्र के गांव बहापुर निवासी संदीप कुमार हैं। हत्याकांड का मुख्य आरोपी थाना बाबूगढ़ क्षेत्र के गांव उदयपुर निवासी प्रदीप है। प्रदीप सेना में जवान है और वर्तमान में जम्मू में तैनात है। हत्या के बाद वह अपनी यूनिट लौट गया। फौजी की गिरफ्तारी के लिए उसकी बटालियन के अधिकारियों को पत्राचार किया गया है।
साइड न देने पर कर दी हत्या
पूछताछ में पकड़े गए हत्यारोपियों ने बताया कि प्रदीप उनका रिश्तेदार है। कुछ दिन पहले वह एक माह की छुट्टी लेकर घर आया था। दस अप्रैल को तीनों दो बाइकों पर गंगा स्नान करने ब्रजघाट गए थे। वहां से लौटते वक्त जब तीनों गांव वैठ के सामने मध्य गंग नहर पटरी पर पहुंचे तो बाबूराम भी बाइक से आ रहा था। प्रदीप और उसके साथियों ने आगे निकलना चाहा, लेकिन बाबूराम रास्ता न होने के कारण आगे-आगे चलता रहा। बस यही बात प्रदीप को नागवार गुजरी और उसने बाबूराम को ओवरटेक कर रोक लिया। विवाद इतना बढ़ा कि प्रदीप ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से बाबूराम को एक के बाद एक पांच गोलियां मारी थीं। हत्या कर आरोपी फरार हो गए।
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सीसीटीवी कैमरे से हुआ खुलासा
पुलिस ने मोबाइल नंबरों की लोकेशन, सीसीटीवी और आसपास के लोगों से कई दिनों तक पूछताछ की। इस दौरान इस रूट पर लगे एक कैमरे में दो बाइक कैद हो गई। कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए पुलिस ने इस ब्लांइड मर्डर को खोल दिया।
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