डीएम के निरीक्षण में चिकित्सक गैरहाजिर, आठ का काटा वेतन
हापुड़। गढ़ रोड सीएचसी में इलाज के लिए सुबह से ही मरीजों की लाइन लग गई, लेकिन चिकित्सक गैरहाजिर मिले। सुबह सवा नौ बजे नवनियुक्त डीएम मेद्या रुपम अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्य चिकित्सकों समेत आठ कर्मचारी अनुपस्थित मिले। डीएम ने तत्काल इन कर्मियों के एक दिन का वेतन काटने के आदेश दिए। साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों पर नाराजगी जताई वहीं सीएचसी अधीक्षक से स्पष्टीकरण मांगा।
सीएचसी में सबसे अधिक ओपीडी होती है, लेकिन यहां चिकित्सकों की भारी कमी भी बनी है, जो चिकित्सक तैनात हैं उनमें अधिकांश लापरवाह बने हुए हैं। डीएम मेद्या रुपम सोमवार को सुबह सवा नौ बजे गढ़ रोड सीएचसी पहुंची। बड़ी संख्या में मरीज चिकित्सकों के चैंबर के बाहर बैठे इंतजार कर रहे थे। डीएम ने मरीजों से फीडबैक लिया तो पता चला कि चिकित्सक आ ही नहीं पाए हैं।
चैंबर में चिकित्सकों की कुर्सियां खाली पड़ी थीं। अधीक्षक से इस संबंध में जानकारी की, स्पष्ट जवाब नहीं मिलने पर डीएम ने कड़ी नाराजगी लगाई। उपस्थिति रजिस्टर को जब्त किया, दवा स्टोर और वार्डों का भी निरीक्षण किया। चिकित्सकों की लापरवाही पर एक दिन का वेतन काटने के आदेश दिए। वहीं सीएचसी अधीक्षक से स्पष्टीकरण मांगा है।
कोट-
डीएम मेद्या रूपम ने कहा कि चिकित्सका सुविधा में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतने दी जाएगी। चिकित्सक समाय से अस्पताल पहुंचे। मरीजों को बेहतर उपचार दिया जाए।
इन चिकित्सकों का कटा वेतन
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ अतुल आनंद, शैलेष कुमार, एलए एसके श्रीवास्तव, डेंटल हाईजेनिक मधुर, वार्ड वॉय करन सिंह, सुपरवाइजर प्रमोद, एसपी गौतम, एचईओ डॉ अंकित वर्मा।
अस्पताल में इन चिकित्सकों की कमी
गढ़ रोड सीएचसी में सर्जन, हड्डी रोग, ह्दय रोग विशेषज्ञ के पद खाली पड़े हैं। ऐसे मरीजों को देखने की जिम्मेदारी सिर्फ एक फिजिशियन पर है, जो विशेषज्ञ चिकित्सक तैनात भी हैं वह उपचार में घोर लापरवाही बरत रहे हैं।
दूसरे जिलों में रहकर नौकरी कर रहे चिकित्सक
अस्पताल में तैनात कई चिकित्सक दूसरे जिलों में रहकर ही नौकरी कर रहे हैं, जो सुबह देरी से आते हैं और दोपहर में भी समय से पहले भाग जाते हैं। बाद में कोई इमरजेंसी केस आ जाए तो मरीज को रेफर करना ही एक मात्र रास्ता होता है।
सोमवार को गढ़ रोड सीएचसी में निरीक्षण करने पहुंची जिला अधिकारी मेघा रूपम । संवाद- फोटो : HAPUR