पिलखुवा में युवा व्यापारी की हत्या पर फूटा आक्रोश
पिलखुवा (हापुड़)। युवा किराना व्यापारी मयंक मित्तल उर्फ प्रिंस की हत्या से गुस्साए व्यापारियों का रविवार सुबह गुस्सा फूट गया। व्यापारियों ने बाजार बंद रख शव को एलिवेटेड के नीचे हाईंवे पर रखकर जाम लगा दिया। कई घंटे नोकझोंक के बीच उच्चाधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे तो व्यापारियों द्वारा दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे जाम लगाने के लिए छिजारसी टोल प्लाजा का रुख किया। पुलिस ने लाठियां फटकारते हुए भीड़ को तितर बितर कर दिया। करीब तीन बजे व्यापारी शव का अंतिम संस्कार करने को राजी हुए। हालांकि बाद में डीएम और एसपी भी मौके पर पहुंचे परिवार को जल्द खुलासे का आश्वास दिया।
एक अप्रैल की रात करीब नौ बजे नेशनल हाईवे पर किराना के थोक कारोबारी राजीव मित्तल और उसके पुत्र मयंक दुकान बंद करने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान दो बाइकों पर सवार होकर पहुंचे चार बदमाशों ने तमंचे और चाकुओं के बल पर लूट का प्रयास किया। विरोध करने पर बदमाश मयंक के सिर में गोली और राजीव को चाकू मारकर फरार हो गए थे। शनिवार रात उपचार के दौरान मयंक ने दम तोड़ दिया था। जिसके बाद शहर के विभिन्न व्यापारी संगठन की तरफ से बाजार बंद का आह्वान किया गया।
व्यापारियों ने पुलिस के खिलाफ की जमकर नारेबाजी
रविवार को दिन निकलते ही व्यापारी सड़कों पर उतर आए और बाजार को बंद करा दिया। मृतक के घर पर सैकड़ों की संख्या में व्यापारी मृतक के हाईवे किनारे घर पर एकत्र हो गए। जैसे ही शव पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचा तो व्यापारियों और महिलाओं ने शव को एलिवेटिड रोड के नीचे हाईवे पर रखकर जाम लगा दिया। पुलिस और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। व्यापारियों में पुलिस की कार्यशैली को लेकर जबर्दस्त आक्रोश था। जाम की सूचना पर एडीएम श्रद्धा शांडिल्यायन, एएसपी सर्वेश कुमार मिश्रा, सीओ पिलखुवा डा. तेजवीर सिंह, सीओ सिटी वैभव पांडेय समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। अधिकारियों ने व्यापारियों को मनाने का प्रयास किया। लेकिन लोग व्यापारी क्षेत्रिय सांसद एवं केंद्रीय राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह, विधायक धर्मेश तोमर, डीएम और एसपी को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे।
जनप्रतिनिधि व अधिकारी के नहीं आने पर भड़के लोग
दोपहर दो बजे तक किसी भी अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि ने मौके पर नहीं पहुंचे तो व्यापारी भड़क गए। इस दौरान लोग छिजारसी टोल प्लाजा पर जाम लगाने के लिए कूच करने लगे तो पुलिस ने बल प्रयोग कर दिया। पुलिसकर्मियों ने लाठियां फटकारते हुए लोगों को खदेड़ दिया। इस दौरान पुलिस और व्यापारियों के बीच नोंकझोंक भी हुई। बाद में अपर जिलाधिकारी श्रद्धा शाल्डिंयायन और एसडीएम सुनीता सिंह ने व्यापारियों को समझा बुझाकर शांत कराया। सुबह से धरने पर बैठे व्यापारी, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थी, करीब पांच घंटे सड़क पर बैठे रहे। काफी हंगामे के बाद एएसपी ने सोमवार शाम तक खुलासे का समय दिया, जिसके बाद तीन बजे व्यापारी शव का अंतिम संस्कार करने को ले गए। इसके बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली। इस मौके पर ब्लॉक प्रमुख निशांत सिसौदिया, जिला उपाध्यक्ष नरेश तोमर, अजीत तोमर, भाजपा के क्षेत्रीय मंत्री विकास अग्रवाल, व्यापारी नेता संजय बंसल अकेला, पालिकाध्यक्ष पति मनोज गोयल, सभासद अंशुल मित्तल, विकास तोमर, डा. मनोज शर्मा, संदीप गोयल, विजय खंडेलवाल, अनिल गर्ग, प्रवीन प्रताप राधे, मनोज बंसल, प्रवीण मित्तल, विभू बंसल, पंकज मित्तल सैकड़ो व्यापारी मौजूद रहे।
बल प्रयोग नहीं हुआ, केवल मानव श्रंखला बनाकर रोका गया-
व्यापारी जाम लगाने के लिए जा रहे थे, जिन्हें मानव श्रंखला बनाकर रोका गया। किसी प्रकार का बल प्रयोग नहीं किया गया। एसओजी समेत पुलिस की आठ टीमें लगी है। कुछ महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं, जिनपर पुलिस काम कर रही है। जल्द ही घटना का खुलासा होगा।
- दीपक भूकर, एसपी
जाम के कारण करना पड़ा रूट डायवर्जन
व्यापारियों के हाईवे के नीचे जाम के दौरान एलिवेटेड रोड से वाहनों का आवागमन जारी रहा। जिन वाहनों को एलिवेटेड रोड के नीचे से जाना था। ऐसे में हापुड़ की तरफ से आने वाले वाहनों को ग्राम सिखेड़ा रोड से धौलाना रोड तक निकाला गया। जबकि गाजियाबाद से आने वाले वाहनों को धौलाना रोड से सिखेड़ा की तरफ डायवर्ट किया गया। बस अड्डा पुलिस चौकी के पास बेरियर लगाकर दोपहिया वाहनों को गाजियाबाद की तरफ जाने रोका गया। इस दौरान मुसाफिरों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
सीओ पिलखुवा के खिलाफ व्यापारियों में रोष
इस दौरान हैंडलूम नगरी के व्यापारियों में सीओ पिलखुवा डॉ. तेजवीर सिंह के खिलाफ जबरदस्त रोष दिखाई दिया। कई बार सीओ और लोगों की बीच जमकर धक्का-मुक्की भी हुई। सभासद अंशुल मित्तल का कहना है कि माहौल ही सीओ द्वारा खराब किया गया है। सीओ का व्यवहार ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि गालंद डंपिंग ग्राउंड समेत अन्य कई बार पूर्व में भी कई बार सीओ माहौल खराब कर चुके है। उन्होंने जल्द स्थानांतरण नहीं किये जाने जाने आंदोलन की चेतावनी दी है।
घायलावस्था में अस्पताल से पहुंचे पिता
लूट के इरादे से मकान में घुसने की कोशिश कर रहे बदमाशों ने मृतक मयंक मित्तल के पिता राजीव मित्तल को भी चाकू मारकर घायल कर दिया था। तभी से वह गाजियाबाद स्थित यशोदा अस्पताल में भर्ती थे। रविवार को पुत्र के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए वह घायलावस्था में पिलखुवा पहुंचे और हंगामे के दौरान पुत्र के निकट चारपाई डालकर लेट रहे और नम आंखों से अपने उजड़े परिवार को देखते रहे।
सुधबुध खो बैठी मृतक की पत्नी साक्षी
मयंक की शादी करीब 13 माह पहले गौतमबुद्धनगर के बिलासपुर निवासी साक्षी के साथ हुई थी। उसके पास दो माह का एक पुत्र है। करीब एक साल में ही साक्षी का सुहाग उजड़ गया। सुबह करीब 10 बजे जैसे ही मृतक का शव घर पहुंचा। साक्षी सुधबुध खो बैठी, अचानक तबीयत खराब हो गई और आंखों में आंसू आने बंद हो गए। बस गुमसुम निगाहों से अपनी उजड़ी दुनिया को देख रही है। जिसके चलते जीएस अस्पताल की टीम और सीएमओ हापुड़ को मौके पर बुलाया गया।
बदमाशों का एनकाउंटर और मुआवजे की मांग
किराना व्यापारी आपराधिक घटना पर नमो दिव्यांग अभियान के राष्ट्रीय समन्वयक एवं पिलखुवा टेक्सटाइल सेंटर व्यापारी एसोसिएशन के संरक्षक विकास शर्मा ने प्रदेश सरकार से हत्यारोपियों को जल्द गिरफ्तार करने के बजाय एनकाउंटर में मार गिराने की मांग की है। उन्होंने मृतक मयंक की आत्मा को विनम्र श्रद्धांजलि देते हुए मृतक व्यापारी के परिजनों को सुरक्षा और बीस लाख रुपये मुआवजा देनें की मांग की।