विधानसभा चुनाव - सबसे पहले आएगा हापुड़ सीट का परिणाम
हापुड़। दस मार्च को विधानसभा चुनाव-2022 के नतीजे सामने आ जाएंगे। सबसे पहले हापुड़ विधानसभा सीट का परिणाम सामने आएगा। जबकि, दोपहर एक बजे तक रुझान मिलने शुरू हो जाएंगे। तीनों विधानसभा सीटों की मतगणना के लिए 42 टेबल लगाई जाएंगी। पंडालों में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी होगी।
गढ़ रोड स्थित नई मंडी में सुबह आठ बजे से मतगणना शुरू हो जाएगी। हापुड़, धौलाना और गढ़मुक्तेश्वर विधानसभा सीट की मतगणना करने के लिए 14-14 टेबल लगाई जाएंगी। प्रत्येक टेबल पर चार से पांच कर्मचारी लगाए जाएंगे। सबसे पहले पोस्टल बैलेट की गिनती होगी। पोस्टल बैलेट से पड़े वोट की संख्या करीब 800 है। फिर दस से 15 मिनट के बाद ईवीएम में पड़े वोटों की गिनती शुरू होगी। दोपहर करीब एक बजे से तीनों सीटों के रुझान मिलने शुरू हो जाएंगे। हापुड़ सीट का परिणाम लगभग चार बजे तक आने की उम्मीद है, जबकि गढ़ और धौलाना सीट के परिणाम पांच से छह बज तक आ जाएंगे। इसका प्रमुख कारण यह भी है कि हापुड़ विधानसभा गढ़ और धौलाना से छोटी है। मतदाताओं की संख्या भी कम है। ऐसे में हापुड़ सीट के ही परिणाम पहले आने की उम्मीद है।
दोपहर तक साफ हो जाएगी तस्वीर
नवीन मंडी में जिले की तीनों विधानसभा सीटों के लिए मतगणना होगी। तीनों ही सीटों के लिए 14-14 टेबल लगेंगी जबकि एक टेबल आरओ की होगी। हापुड़ की 30, धौलाना की 32 और गढ़मुक्तेश्वर की 29 राउंड में मतगणना होगी। धौलाना सीट का परिणाम सबसे बाद में आएगा। मतदान व बूथों के हिसाब से मतगणना राउंड भी चलेंगे।
विजेता प्रत्याशी नहीं निकाल सकेंगे जुलूस
तीनों विधानसभा क्षेत्र में विजेता प्रत्याशी जुलूस नहीं निकाल सकेंगे। अगर जुलूस निकालते हैं तो इसे कोविड प्रोटोकाल का उल्लंघन माना जाएगा। इसके अलावा उनके समर्थकों भी जुलूस निकालने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
बिना अनुमति नहीं मिलेगा प्रवेश
मतगणना वाले स्थल पर बिना अनुमति किसी को भी प्रवेश नहीं मिलेगा। मतगणना स्थल में हथियार, माचिस, गुटखा और पान मसाला लेकर जाने पर प्रतिबंध रहेगा। बिना अनुमति के प्रवेश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कर्मियों को दिया जाएगा प्रशिक्षण
मतगणना में शामिल होने वाले कर्मियों को पहले प्रशिक्षण दिया जाएगा। जल्द ही कर्मियों को ड्यूटी पत्र जारी किया जाएगा। प्रशिक्षण में उन्हें मतगणना की बारीकियों को सिखाया जाएगा। दिव्यांग और 80 वर्ष से अधिक उम्र के चिन्हित मतदाताओं के मत सील बंद लिफाफे खोलकर पर्यवेक्षक की निगरानी में गिने जाएंगे। - श्रद्धा शांडिल्यायन, एडीएम