मतदाताओं की चुप्पी बिगाड़ रही सियासी गुणा भाग
हापुड़। पहले चरण से यूपी के चुनाव का आगाज हो रहा है। चुनाव प्रचार अपने चरम पर है। लेकिन जिले की तीनों ही सीटों पर अभी तक स्थिति साफ नहीं है। इस बार मतदाताओं की चुप्पी सियासी गुणा भाग नहीं लगाने दे रही है। तीनों ही सीटों पद दलित और मुस्लिम मतदाता निर्णायक भूमिका में नजर आ रहे हैं।
हापुड़ विधानसभा सीट ---
दलित मतदाताओं की मुठ्ठी में है जीत की चाबी
सदर विधानसभा सीट सुरक्षित सीट है और इस सीट पर अनुसूचित जाति के भाजपा, गठबंधन और बसपा प्रत्याशी में त्रिकोणीय मुकाबला है। बड़ी बात है कि इस बार भी विधायक विजयपाल आढ़ती और गजराज सिंह ही मैदान में हैं। विजयपाल आढ़ती इस बार भी बीजेपी से चुनाव लड़ रहे हैं वहीं गजराज सिंह इस बार कांग्रेस से चुनाव न लड़कर सपा-रालोद गठबंधन से मैदान में हैं वहीं बीएसपी से मनीष सिंह खड़े हैं। इस सीट पर दलित हमेशा ही निर्णायक स्थिति में रहता है। इस बार भी कुछ इसी प्रकार के समीकरण हैं। तीनों प्रत्याशियों के दलित होने के कारण फिलहाल दलित वोट में बिखराव है। लेकिन जिसकी ओर यह वोट बैंक झुकेगा, उसकी नैया पार हो जाएगी।
वर्ष 2017 के चुनावी नतीजे
विजेता उपविजेता पार्टी मिले मत
विजयपाल भाजपा 84532
गजराज सिंह कांग्रेस 69526
कुल मतदाता -3,65584
महिला- 1,68771
पुरुष -1,96589
गढ़मुक्तेश्वर विधानसभा क्षेत्र -
कहीं भितरघात न बिगाड़ दे खेल
गंगा नगरी में चुनावी सरगर्मियां तेज हैं और सभी दलों ने प्रचार प्रसार में दम झोंक दिया है। भाजपा, गठबंधन और बसपा तीनों ही सीटों से दमदार प्रत्याशी मैदान में हैं। मुख्य प्रत्याशियों के पीछे समर्थकों का रेला जरूर लगा हुआ है। यहां टिकट कटने, दल बदलने के सिलसिलों के कारण सभी दलों पर भितरघात का खतरा मंडरा रहा है। टिकट कटने से नाराज कुछ दलों के नेता चुनाव में गुपचुप पाला बदल सकते हैं। यहां बसपा अभी तक कभी कोई सीट नहीं जीती है। लेकिन इस बार सपा से तीन बार विधायक रहे मदन चौहान चुनाव बसपा से चुनाव लड़ रहे हैं। ऐसे में वे सपा के पिछले पारंपरिक वोट बैंक में सेंध लगा सकते हैं। कुल मिलाकर अभी तस्वीर साफ नहीं है।
विजेता पार्टी मिले मत
कमल मलिक भाजपा 91086
प्रशांत चौधरी बसपा 55792
कुल मतदाता-3,47026
महिला -1,60119
पुरुष -1,86878
वोटों के ध्रुवीकरण में जुटे प्रत्याशी -
धौलाना विधानसभा सीट इस बार भी जिले की हॉट सीट में शुमार रहेगी। बसपा से चुनाव जीतने वाले असलम चौधरी इस बार पाला बदलकर सपा से चुनाव मैदान में हैं। लेकिन इस बार परिस्थितियां अलग हैं। इसी सीट से पूर्व विधायक धर्मेश तोमर से उनकी सीधी टक्कर है। वर्तमान की स्थिति में दोनों ही दलों की ओर से वोटों के ध्रुवीकरण का प्रयास हो रहा है। पिछले चुनाव में भी मुद्दों को छोड़कर जातिगत राजनीति हावी रही थी, और इस बार भी चुनाव इसी दिशा में जा रहा है। दोनों ही दल अपने अपने वोट बैंक को साधने में लगे हैं। भाजपा इस बार इस स्थिति में कामयाब होती नजर आ रही है।
पिछले चुनाव की स्थिति -
विजेता पार्टी मिले मत
असलम चौधरी बसपा 88580
रमेश चंद तोमर भाजपा 85004
कुल मतदाता- 4,11,332
महिला-1,90509
पुरुष -2,20797