कुराना टोल फ्री कराने के आरोप में 15 किसानों पर मुकदमा
हापुड़। क्षेत्रीय किसानों को टोल में छूट की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन(असली) के पदाधिकारियों को कुराना टोल टैक्स फ्री कराना महंगा पड़ गया। कोरोना की गाइडलाइन और धारा 144 का उल्लंघन करने के मामले में जिलाध्यक्ष समेत चार नामजद व 15 अज्ञात कार्यकर्ताओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। जिलाध्यक्ष ने इस मामले में रोष व्यक्त किया है।
संगठन के पदाधिकारी शुक्रवार को कुराना टोल पर पहुंचे थे और यहां किसानों को टोल टैक्स में छूट के लिए करीब 45 मिनट तक टोल फ्री करा दिया था। जिलाध्यक्ष देवेंद्र सिंह बाना ने धरना प्रदर्शन का नेतृत्व किया था। पदाधिकारियों का आरोप था कि टोल प्लाजा पर भाकियू कार्यकर्ताओं से टोल टैक्स वसूला जाता है। इतना ही नहीं टोल प्लाजा के एक किलोमीटर के निकट रहने वाले किसानों को भी परेशान किया जाता है। विरोध करने पर आए दिन टोलकर्मी भाकियू पदाधिकारियों से व आम जनता से अभद्रता व मारपीट करते हैं। पुलिस ने यहां पहुंचकर किसानों को समझाने का प्रयास किया था। एसपी दीपक भूकर और सीओ पिलखुवा डॉ. तेजवीर सिंह से फोन पर वार्ता के बाद ही पदाधिकारी यहां से हटे थे।
सीओ डॉ तेजवीर सिंह ने बताया कि जनपद में धारा 144 लागू है। कोरोना की गाइडलाइन व धारा 144 का उल्लंघन कर भाकियू पदाधिकारियों ने धरना-प्रदर्शन किया है। इस मामले में भाकियू असली के जिलाध्यक्ष देवेंद्र बाना सहित महिला विंग की जिलाध्यक्ष विनीता चौधरी, सुमित मावी, हरपाल और 15 अज्ञात पदाधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। जबकि भाकियू(असली) के जिलाध्यक्ष देवेंद्र सिंह बाना का कहना है कि आचार संहिता की आड़ में किसानों की आवाज को दबाया जा रहा है। इस संबंध में एसपी से मिलकर बातचीत की जाएगी। समाधान न होने पर किसानों को एकजुट कर आगे की रणनीति बनाई जाएगी।