कोरोना के साथ फ्लू का खतरा, 11 दिन में 50 प्रतिशत बढ़े मरीज
हापुड़। कोरोना की तीसरी लहर के साथ ही फ्लू रोगों का खतरा बढ़ गया है। फ्लू से पीड़ित मरीजों की संख्या में 50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है। अस्पतालों की ओपीडी में रोजाना ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं। लक्षण के आधार पर इनमें रोग की पुष्टि करना आसान नहीं है, ऐसे में चिकित्सक कोरोना जांच के बाद ही इनका उपचार शुरू कर रहे हैं।
तीसरी लहर के दौरान जिले में कोरोना का पहला मामला 28 दिसंबर को दर्ज किया गया था। अब लगातार मामलों में बढ़ोत्तरी हो रही है। साथ ही फ्लू के रोगी भी तेजी से बढ़े हैं।
स्वास्थ्य विभाग के एक्सपर्ट डॉ मयंक का कहना है कि कोरोना होने पर बुखार हो सकता है, गंध और स्वाद का महसूस न होना भी इसका प्रमुख लक्षण है। वहीं फ्लू में गंध या स्वाद नहीं जाते, सामान्यत फ्लू के रोग दो हफ्ते के अंदर ठीक हो जाते हैं। फ्लू होने पर बुखार के साथ सिर दर्द प्रमुख लक्षण है, जबकि कोरोना में बुखार के साथ सिर दर्द कम ही होता है।
कोरोना होने पर मरीज की नसों और फेफडों, ह्दय, पैर या मस्तिष्क की धमनियों में रक्त के थक्के बनना, बच्चों में मल्टीसम सिस्टम इंफ्लेमेटरी सिंड्रोम का कारण बन सकता है।
कोरोना होने पर यह करें
* आराम करें, इससे इम्यून सिस्टम मजबूत होता है।
* असामान्य लक्षण होने पर चिकित्सक से परामर्श लें।
* तरल पदार्थों का अधिक सेवन करें।
* तेज बुखार होने पर हल्के कपड़े पहनें।
* गुनगुने पानी से नहाएं, इससे थकी हुई मांसपेशियों को आराम मिलता है और तापमान कम हो जाता है।
* नमक वाले गर्म पानी के गरारे करें, इससे गले में जमा बैक्टीरिया नष्ट हो जाते हैं।
* सिर के नीचे एक अतिरिक्त तकिया लगाकर सोएं, इससे नाम में होने वाली बेचैनी से राहत मिलती है।
* संक्रमण से लड़ने वाले खाद्य पदार्थ केला, चावल, विटामिन सी वाली ब्लूबेरी, गाजर, काली मिर्च का सेवन करें।