जिले में 71 हजार से अधिक मतदाता बढ़े
हापुड़। जिले में बुधवार को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया। करीब दो माह चले मतदाता पुनरीक्षण कार्य के दौरान जिले की तीनों विधानसभाओं में 15305 युवाओं का नाम मतदाता सूची में दर्ज हुआ, जो पहली बार अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनावों को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। बुधवार को जिला निर्वाचन आयोग की तरफ से अंतिम सूची का प्रकाशन कर दिया गया। अब मतदाता अपना वोट बढ़वा सकते हैं, लेकिन इसमें संशोधन नहीं करा सकते। इस बार विधानसभा चुनाव में 11 लाख 23 हजार 744 मतदाता उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे। पिछली बार की अपेक्षा इस बार जिले में 71, 435 मतदाता बढ़ गए हैं। सबसे ज्यादा वोटर धौलाना विधानसभा क्षेत्र में हैं, जबकि सबसे कम गढ़मुक्तेश्वर में हैं। बुधवार को मतदाता सूची प्रकाशन से पहले सभी बीएलओ अपने अपने बूथों पर उपस्थित रहे और वोट बनाने का कार्य किये।
हापुड़ जिले में 11 लाख 23 हजार 744 मतदाता हैं। इसमें 6 लाख 4 हजार 264 पुरूष और 5 लाख 19 हजार 399 महिला तथा 81 अन्य मतदाता हैं। सबसे ज्यादा मतदाता धौलाना विंस क्षेत्र में है, यहां 4 लाख 11 हजार 332 मतदाता है। हापुड़ विधानसभा में 3 लाख 65 हजार 384 और गढ़ में 3 लाख 47 हजार 28 मतदाता हैं। यह मतदाता आगामी 2022 के विधानसभा चुनाव में अपने मत का प्रयोग कर तीनों विधानसभा सीटों के उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे।
2017 के विधानसभा चुनाव के मुकाबले जिले में 71 हजार से अधिक मतदाता बढ़ गए हैं। पिछले चुनाव में जिले में 10 लाख 52 हजार 309 मतदाता थे। जबकि अंतिम सूची का प्रकाशन होने के बाद जिले में मतदाताओं की संख्या 11 लाख 23 हजार 744 हो गई है। ऐसे में इस विधानसभा चुनाव में 71435 हजार नए मतदाता मतदान करेंगे। इनमें युवा मतदाताओं की संख्या भी अच्छी खासी है। वोट बढ़ने में महिलाओं की भागीदारी पुरुषों से कम है, लेकिन पहले से स्थिति बेहतर है।
अब नहीं हो सकेगा संशोधन
सहायक निर्वाचन अधिकारी श्रवण त्यागी ने बताया कि अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन के बाद अब इसमें किसी प्रकार का संशोधन नहीं हो सकेगा, लेकिन नई वोट फिलहाल बनवाई जा सकेंगी।
अधिकारियों ने किया बूथों का निरीक्षण
अंतरित सूची के प्रकाशन से पहले सभी बीएलओ को बूथों पर रहने के आदेश दिए गए थे, जिसके लिए सभी अधिकारियों ने बूथों का निरीक्षण किया। एडीएम श्रद्धा शांडिल्यायन सहित सभी अधिकारी निरीक्षण करते रहे। एसडीएम दिग्विजय सिंह ने बताया कि निरीक्षण के दौरान किसी प्रकार की अनियमितता नहीं मिली।