फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दमघोटू हवा : फेफड़ों में रोज पहुंच रहा पांच सिगरेट का धुआं

विज्ञापन
विज्ञापन
दमघोंटू हवा : फेफड़ों में रोज पहुंच रहा पांच सिगरेट का धुआं
विज्ञापन

हापुड़। जिले में एक्यूआई खतरनाक स्तर पर है, इससे अनेकों बीमारियां फैल रही हैं। बीते 16 दिनों से जहरीली गैसों के साथ ही अति सूक्ष्म कणों की मात्रा वातावरण में बढ़ गई है। घर से बाहर निकलने पर पांच सिगरेट के बराबर धुआं फेफड़ों में पहुंच रहा है। अस्पतालों के ओपीडी में ऐसे मरीजों की संख्या 10 प्रतिशत तक बढ़ गई है। चिकित्सक लोगों से घर से बाहर निकलने पर मास्क लगाने और बच्चों, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं को घर पर रहने की सलाह दे रहे हैं।
फिजिशियन डॉ पुष्पेंद्र वत्स ने बताया कि एक सिगरेट में 250 एक्यूआई के लगभग प्रदूषण होता है। इसके धुएं में कार्बन मोनोऑक्साइड, कार्बन डाईऑक्साइड, नाइट्रोजन, एरोमेटिक कार्बन समेत अन्य खतरनाक गैसें होती हैं। यही तत्व शहर की दूषित हवा में हैं और बीते 16 दिनों से शहर का औसत एक्यूआई भी इससे ज्यादा ही है। ऐसे माहौल में बिना मास्क रहने पर फेफड़ों में पांच सिगरेट जितना धुआं पहुंच रहा है। इससे नलिकाओं में सूजन होने के साथ स्वस्थ लोगों को सूखी खांसी, छाती में जकड़न और सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्या मिल रही है। जल्द सांस भी फूल रही है, इससे नींद पूरी नहीं होने से लोग चिड़चिड़े भी हो रहे हैं। चिकित्सकों के पास इन 16 दिनों में मरीजों की संख्या 10 प्रतिशत तक बढ़ी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

खांसी, गले में खराश और एलर्जी कर रही परेशान
बढ़ते प्रदूषण में गले की खराश, खांसी और नाक की एलर्जी लोगों को परेशान कर रही हैं। ईएनटी रोग विशेषज्ञ दीपक कुमार ने बताया कि बढ़ते प्रदूषण में मरीजों के गले में दर्द, नाक में खुजली, बार बार छींक आना, जुकाम की परेशानी मिल रही है, इनमें कामकाजी लोगों की संख्या 70 प्रतिशत है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें