पांच ऑक्सीजन प्लांट बनकर तैयार, ट्रायल हुआ पूरा
हापुड़। कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए जिले में पांच ऑक्सीजन प्लांट बनकर तैयार हो गए हैं। जिनका ट्रायल पूरा कर लिया है। इन अस्पतालों के 250 बेड ऑक्सीजन पाइपलाइन से जोड़ दिए गए हैं। हर बेड पर 10 लीटर ऑक्सीजन प्रति मिनट सप्लाई की जा सकेगी। गढ़ रोड सीएचसी व जिला अस्पताल के लिए इस सप्ताह मशीनें आ जाएंगी। यहां फाउंडेशन बनकर तैयार हो गया है। ऐसे में मरीजों को इस बार ऑक्सीजन की कमी से परेशान नहीं होना पड़ेगा।
कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन की किल्लत मरीजों की जान पर भारी पड़ी। स्वास्थ्य विभाग के किसी भी सरकारी अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट नहीं होने से इनमें मरीजों को भी भर्ती नहीं किया जा सका। सिलिंडर वाली ऑक्सीजन के सहारे जिला अस्पताल को कोविड सेंटर बनाया गया था। यहां भी ऑक्सीजन की किल्लत मरीजों पर भारी पड़ती रही। ।
तीसरी लहर की आशंका के चलते जिले में ऑक्सीजन की कमी से बचने के लिए तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। सिखैड़ा स्थित सीएचसी पर ऑक्सीजन प्लांट बनकर तैयार हो गया है। स्वास्थ्य विभाग ने सिखैड़ा समेत जिले में पांच अस्पतालों में बने प्लांटों का ट्रायल कर लिया है। पाइपलाइन के जरिए इन अस्पतालों के 50-50 बेड तक ऑक्सीजन सही तरीके से पहुंच रही है। ऐसे में मरीजों को इस बार ऑक्सीजन की कमी से परेशान नहीं होना पड़ेगा।
इन अस्पतालों में लग चुके हैं प्लांट
जिले के सिखैड़ा स्थित सीएचसी, सपनावत स्थित सीएचसी, पिलखुवा स्थित सीएचसी, धौलाना स्थित सीएचसी, जिला अस्पताल में एक एक प्लांट बनकर तैयार हो गया है। जिनका ट्रायल भी कर लिया गया है।
गढ़ रोड सीएचसी में इसी सप्ताह आ जाएगी मशीन
गढ़ रोड सीएचसी में भी ऑक्सीजन प्लांट बनाया जाना है। जिसका फाउंडेशन बनकर तैयार हो गया है। इसी सप्ताह इस अस्पताल के लिए मशीन आने का दावा अफसर कर रहे हैं। वहीं, जिला अस्पताल पर एक अन्य ऑक्सीजन प्लांट बनाया जाना है। जिसकी तैयारी भी शुरू हो गई है।
हर बेड को प्रति मिनट मिलेगी 10 लीटर ऑक्सीजन
जिले के पांचों अस्पतालों में ट्रायल पूरा कर लिया गया है। यहां बने हर बेड को प्रति मिनट 10 लीटर ऑक्सीजन मिलेगी। जिससे मरीजों को उपचार के दौरान परेशानी नहीं होगी।
अस्पतालों के 50-50 बेड पाइपलाइन से जुड़े
जिन पांचों अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट बने हैं, वहां के 50-50 बेड पाइपलाइन से जोड़ दिए गए हैं। जिला अस्पताल में बेडों की संख्या 50 बढ़ाकर 100 किए जाने की कवायद शुरू हो गई है। इसके अलावा निजी मेडिकल कॉलेजों में 200 से अधिक बेड की व्यवस्था है।
52 वेंटिलेटर, 400 कंसंट्रेटर भी मौजूद
तीसरी लहर से निपटने के लिए गंभीर मरीजों के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 52 वेंटिलेटर और 400 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की व्यवस्था भी कराई है। इसके अलावा बच्चों के लिए करीब 200 पीकू वार्ड बनाए गए हैं।
पांच प्लांट तैयार, दो भी जल्द होंगे चालू
जिले में कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए पांच ऑक्सीजन प्लांट बनकर तैयार हो गए हैं। इन प्लांट से मरीजों को पर्याप्त ऑक्सीजन दी जा सकती है। सीएचसी के लिए इसी सप्ताह मशीन आ जाएगी। जबकि जिला अस्पताल में भी दूसरा प्लांट बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। मरीजों को तीसरी लहर में परेशान नहीं होने दिया जाएगा।--डॉ रेखा शर्मा, सीएमओ।