यातायात सप्ताह में डग्गामारी रुकी न दोपहिया पर तीन सवारी
हापुड़। सड़क सुरक्षा सप्ताह में भी न डग्गामार वाहन बंद हुए और न ही दोपहिया पर तीन सवारी का चलन बंद हुआ। सीट बेल्ट और हेलमेट के प्रति भी लोग जागरूक नहीं दिख रहे। कई जगह पुलिसवाले ही बिना हेलमेट चलते दिखाई।
सड़क सुरक्षा सप्ताह की शुरुआत होने के साथ ही वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जाता है। बावजूद इसके यातायात नियमों का पालन न के बराबर होता है। दोपहिया वाहनों पर बिना हेलमेट और कार में बिना सीट बेल्ट के चलना आम बात है। कई बार लोग पुलिस के चेकिंग प्वाइंट पर एक सवारी उतार देते हैं और कुछ आगे चलते ही फिर से तीन लोग सवार हो जाते हैं। कार में सीट बेल्ट भी पुलिस को देखकर ही लगाते हैं। चेकिंग प्वाइंट से गुजरने के बाद फिर से नियम भूल जाते हैं। शहर में मेरठ तिराहा, तहसील चौपला और असौड़ा मोड़ पर जरूर लोगों में चेकिंग को लेकर डर दिखाई देता है। इन चौराहे के आते ही वाहन चालक सतर्क हो जाते हैं।
पीछे बैठने वाले नहीं पहनते हेलमेट
दोपहिया वाहन पर पीछे बैठने वाले के लिए भी हेलमेट लगाना जरूरी है। जिले में सड़कों पर दोपहिया वाहनों पर पीछे बैठा व्यक्ति इस नियम का पालन करता नहीं दिखता। शनिवार तक जिले की कई सड़कों पर इसकी पड़ताल की गई तो पीछे तो छोड़िए खुद चालक ही बिना हेलमेट नजर आए।
जुर्माना बढ़ने पर भी नहीं सुधरे
यातायात नियमों को सख्ती से पालन कराकर सड़क हादसों को रोकने के लिए पिछले वर्ष दिसंबर माह से मोटरयान अधिनियम में संशोधन कर इसे सख्ती से लागू किया गया। पहले बिना हेलमेट दोपहिया वाहन व बिना सीट बेल्ट कार चलाने पर 100 रुपये जुर्माना था, लेकिन अब ऐसा करने वाले वाहन चालकों पर पहली बार में 500 व दूसरी बार ऐसा करते हुए मिलने पर 1000 रुपये जुर्माना है। इसके बाद भी लोग नहीं सुधर रहे हैं।
बरत रहे सख्ती, लोगों को कर रहे जागरूक
सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत लोगों को यातायात नियमों के लिए जागरूक किया जा रहा है, ताकि सड़क हादसों में कमी आए। इसके अलावा चौक-चौराहों पर वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा सप्ताह के नियम बताने के साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ चालान की कार्रवाई की जा रही है।
- महेश शर्मा, एआरटीओ प्रवर्तन।