प्याज की खेती का केंद्र बनेगा हापुड़, किसानों को मिलेगी छूट
हापुड़। जिले को प्याज उत्पादन का बड़ा केंद्र बनाने की तैयारी है। पहली बार हापुड़ में खरीफ सीजन में भी उद्यान विभाग प्याज की खेती कराएगा। शासन से इसकी मॉनीटरिंग की जाएगी। कृषि वैज्ञानिकों का दल फसल की देखभाल के लिए किसानों को टिप्स देंगे। प्रयास सफल हुआ तो हापुड़ मॉडल प्रदेशभर में लागू होगा और यहां प्याज की बंपर पैदावार होगी।
जिले में प्याज की खेती रबी सीजन में ही होती है। जिसकी बुवाई सर्दियों में नवंबर, दिसंबर महीने में की जाती है। जून महीने में प्याज पककर तैयार हो जाती है। इन दिनों में प्याज का दाम सामान्य रहता है। लेकिन सितंबर महीने के आसपास प्याज के दाम बढ़ जाते हैं। उद्यान विभाग अब खरीफ सीजन में भी प्याज की खेती कराने की तैयारी कर रहा है। जिले में प्याज की खेती के लिए उद्यान विभाग ने सर्वे शुरू कर दिया है। किसानों को चिन्हित करने के बाद प्याज की खेती कराई जाएगी। इसके लिए किसानों को 12 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से अनुदान भी मुहैया कराया जाएगा।
प्रदेशभर में लागू होगा हापुड़ मॉडल
प्रदेशभर में सिर्फ रबी सीजन में ही प्याज की खेती की जाती है। लेकिन पहली बार हापुड़ में खरीफ सीजन में भी प्याज की खेती कराई जा रही है। यह फसल यदि कृषि विशेषज्ञों के अनुसार तैयार हो गई तो हापुड़ मॉडल को प्रदेशभर में लागू किया जाएगा।
जिले की डिमांड घरेलू खेती से होगी पूरी-
जिले में प्याज की खेती न्यूनतम रकबे में की जाती है, जिससे यहां के लोगों की डिमांड ही पूरी नहीं हो पाती है। दूसरे राज्यों या जिलों से यहां के लोगों की मांग पूरी करने के लिए प्याज मंगाई जाती है। लेकिन अब जिले में होने वाली प्याज की खेती से ही डिमांड पूरी हो जाएगी।
12 हजार प्रति हेक्टेयर मिलेगा अनुदान
खरीफ सीजन में प्याज की फसल उगाने के लिए किसानों को उद्यान विभाग 12 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से अनुदान मुहैया कराएगा। इस पैसे से किसान बीज, खाद की आसानी से व्यवस्था कर सकेंगे। साथ ही कीटनाशक आदि का भी प्रबंध हो सकेगा।
किसानों की आय बढ़ेगी
साल में दो बार प्याज की फसल उगाए जाने से हापुड़ जिले के किसानों की आय में बढ़ोत्तरी होगी। वह देश के किसी भी कोने में प्याज की बिक्री कर सकेंगे। उद्यान विभाग इसमें किसानों का पूरा सहयोग करेगा।
खरीफ में प्याज उत्पादन पर यह मिलेंगी सुविधा
* उद्यान विभाग किसानों को उन्नत बीज मुहैया कराएगा।
* प्रति हेक्टेयर की दर से 12 हजार रुपये अनुदान देगा।
* खरीफ में प्याज डोली के ऊपर लगाई जाएगी।
* कृषि वैज्ञानिकों का दल किसानों को प्रशिक्षित करेगा।
* फसल तैयार होने पर अच्छे दाम पर बिक्री कराने में सहयोग करेगा।
जिले में प्याज उत्पादन की स्थिति
प्याज का कुल रकबा------600 हेक्टेयर
प्याज का कुल उत्पादन-----1.50 लाख क्विंटल
प्याज की कुल डिमांड------पांच लाख क्विंटल
जिला उद्यान अधिकारी एसके शर्मा ने बताया कि जिले में पहली बार खरीफ सीजन में प्याज की खेती करायी जाएगी। इसके लिए किसानों को अनुदान मुहैया कराया जाएगा। इच्छुक किसान विभाग में आवेदन कर सकते हैं।