टीपी नगर जाएंगे शहर के ट्रांसपोर्टर, प्रशासन ने कसी कमर
हापुड़। शहर में जाम की स्थिति को देखते हुए अब ट्रांसपोर्टर नगर योजना को जल्द लागू करने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। 14 जनवरी को मंडलायुक्त की अध्यक्षता में होने वाली एचपीडीए की बोर्ड बैठक में इस मुद्दे को प्रभावी तरीके से उठाया जाएगा। मंडलायुक्त की स्वीकृति के बाद इस योजना पर काम होगा। पावर कारपोरेशन भी जल्द ही ट्रांसपोर्टरों को विद्युत कनेक्शन देगा। ट्रांसपोर्ट नगर की बहाली से शहर में जाम की समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी।
जिलाधिकारी अदिति सिंह हापुड़ पिलखुवा विकास प्राधिकरण की ट्रांसपोर्ट नगर योजना को जल्द से जल्द शुरू करने के लिए कटिबद्ध हैं। दरअसल, प्राधिकरण द्वारा बनाई गई ट्रांसपोर्ट योजना शुरू न होने के कारण ट्रांसपोर्ट संबंधी व्यवसाय नगर के अंदर ही संचालित किया जा रहा है। इस कारण नगर में यातायात व्यवस्था पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है, जिस कारण नगर में अधिकतर जाम की समस्या बनी रहती है। जिला प्रशासन द्वारा कई वर्षों से ट्रांसपोर्ट व्यवसाय को ट्रांसपोर्ट नगर में स्थानांतरित करने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन ट्रांसपोर्टर वहां जाने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं।
जिलाधिकारी ने परिवहन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि पहले बड़े ट्रांसपोर्टरों को स्थानांतरित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को तेजी से कार्रवाई करने का आदेश दिया है। इसके अलावा जिला प्रशासन द्वारा अब एचपीडीए की बोर्ड बैठक में इस मुद्दे को उठाया जाएगा। एसडीएम सत्यप्रकाश ने बताया कि 14 जनवरी को होने वाली बोर्ड बैठक में यह अहम मुद्दा होगा। इस मामले में अब किसी भी प्रकार की लापरवाही या हीला हवाली नहीं बरती जाएगी।
वर्ष 2015 में तैयार हुआ था ट्रांसपोर्ट नगर
हापुड़ पिलखुवा विकास प्राधिकरण द्वारा वर्ष 2015 में यह योजना लाई गई थी। प्राधिकरण द्वारा योजना के अंतर्गत लगभग सभी विकास कार्य कराए जा चुके हैं। लेकिन आवंटियों द्वारा रजिस्ट्री नहीं कराने एवं गोदाम, बुकिंग कार्यालय का निर्माण एवं संचालन नहीं कराने के कारण यह क्षेत्र आबाद नहीं हो सका है। ट्रांसपोर्ट नगर योजना में प्राधिकरण द्वारा गोदाम के 98 भूखंड तथा बुकिंग कार्यालय के लिए 426 भूखंड सृजित किए गए हैं। इन भूखंडों में 424 आवंटित किए जा चुके हैं। जबकि तीन सौ रजिस्ट्री हो चुकी है।
नगर को मिल सकेगी जाम से मुक्ति --
यदि ट्रांसपोर्ट व्यवसाय ट्रांसपोर्ट नगर में स्थानांतरित कर दिया गया तो नगर में जाम लगने की समस्या से काफी हद तक निजात मिल सकेगी। भारी वाहनों का शहर में प्रवेश नहीं होने के कारण नगर में वाहनों का दबाव कम हो सकेगा।