विद्युत निगम के दफ्तर पर भाकियू का धरना दूसरे दिन भी जारी
गढ़मुक्तेश्वर। बिजली बिलों में धांधली को लेकर भाकियू का बिजली निगम के कार्यालय पर तालाबंदी और धरना प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी रहा। वहीं दोनों अवर अभियंताओं को न हटाए जाने समेत समस्याओं का समाधान न होने पर 14 जनवरी को चक्का जाम की चेतावनी दी है।
बिजली निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार, बिजली बिलों में धांधली और उपभोक्ताओं के उत्पीडन के विरोध में निगम के एक्सईएन कार्यालय पर भाकियू का धरना प्रदर्शन शनिवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। वहीं तालाबंदी भी जारी रही। शनिवार को धरने की अध्यक्षता मंगल त्यागी संचालन जिला कार्यकारिणी सदस्य राजू ठाकुर ने किया। मंडल प्रवक्ता दिनेश खेड़ा और महिला जिलाध्यक्ष बबली त्यागी ने कहा कि प्रदेश सरकार की मनमानी किसानों और मजदूरों पर भारी पड़ रही है, पिछले चार वर्षों में बिजली के बिलों में दो से तीन गुना बढ़ोतरी हुई है, जबकि किसानों के गन्ने के दाम चार वर्षों में दस पैसे प्रति किलो के हिसाब से बढ़ाए है। ऐसे में किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है।
महिला जिला महासचिव ममता शर्मा, जिला उपाध्यक्ष अय्यूब अली और तहसील अध्यक्ष श्याम सुंदर त्यागी ने कहा कि बिजली निगम के अधिकारी और कर्मचारियों द्वारा जानबूझकर अधिक बिल भेजे जा रहे हैं। जिससे किसानों समेत अन्य लोगों को बिल ठीक कराने के लिए मजबूरन कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर होना पड़ता है।
जिला उपाध्यक्ष संदीप चौधरी, मुन्ना और मुबारिक खां ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश जगहों पर तारों और खंभों की जर्जर हालत हो रही है, जिससे आए दिन हादसों का शिकार होना पड़ता है। वहीं गांव सिकंदरपुर में करीब 20 दिन पूर्व एक महिला 11 हजार के टूटे तार की करंट की चपेट में आकर झुलस गई थी, जिसके जिम्मेदार बिजली निगम के अधिकारी है।
जिला कार्यकारिणी सदस्य सचिन त्यागी, ब्लॉक अध्यक्ष प्रमोद त्यागी और नत्थी सिंह सैनी ने कहा कि पिछले दिनों हुई ओलावृष्टि और आंधी के चलते एचटी लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थीं। जिससे नलकूप पूरी तरह से बंद पड़े है। ग्रामीणों को सिंचाई के लिए परेशानी झेलनी पड़ रही है। भाकियू कार्यकर्ताओं ने कहा है कि अगर 13 जनवरी तक बिजली कार्यालय में तैनात अवर अभियंताओं को नहीं हटाया गया और किसानों की विभिन्न समस्याओं को समाधान नहीं हुआ, तो 14 को भाकियू हाईवे पर चक्का जाम करने के लिए मजबूर हो जाएगी। इस मौके पर कन्हैया लाल, कुंवर पाल सिंह, ठाकुर चंद्रपाल सिंह, मुखिया मदहद अली, हरिराज सिंह, मायशा अल्ला, राजकुमार पाल, चेतन त्यागी, ताज खां, गुलजार खां, नितिन खां, राकेश त्यागी, इमरान खां, ताहिर खान, सतीश त्यागी, चौधरी रामनाथ सिंह, खजान सिंह समेत दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।