गढ़ चौपला पर दुकानों पर लाल निशान लगाते कर्मी-।
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गढ़ चौपला पर 120 साल पुरानी दुकानें होंगी ध्वस्त
गढ़मुक्तेश्वर। आंबेडकर पार्क के सामने प्याऊ की धर्मशाला की भूमि पर करीब 120 साल पहले बनी दुकानों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई तेज हो गई है। प्रशासन ने बृहस्पतिवार की देर शाम टीम के साथ 17 दुकानों को चिन्हित कर निशान लगाए और शुक्रवार की शाम तक दुकानें खाली करने के लिए निर्देश भी दिए। शनिवार को दुकानों के ध्वस्तीकरण की संभावना है।
गढ़ चौपला पर प्याऊ की धर्मशाला की जमीन को तहसील और नगर पालिका प्रशासन ने सिजरे के आधार पर सरकारी भूमि घोषित कर दिया है। तहसीलदार विवेक भदौरिया ने बताया कि 10 मई को नगर पालिका प्रशासन और एसडीएम अरविंद कुमार द्विवेदी ने लाउडस्पीकर के माध्यम से गढ़ चौपला पर बनी दुकानों को पालिका की भूमि घोषित करते हुए वहां पर बनी हुई दुकानों में कारोबार कर रहे दुकानदारों व व्यापारियों को पांच दिन में दस्तावेज समेत तहसील में पेश होने के लिए कहा गया था। जिसके बाद भाजपा जिला उपाध्यक्ष राजेश पंडित और व्यापार मंडल नगर अध्यक्ष मूलचंद सिघंल ने व्यापारियों के साथ एसडीएम से वार्ता कर 10 दिन का समय मांगा था। 10 दिन का समय पूरा होने में सिर्फ एक दिन रह गया है, लेकिन अभी तक भी दुकानदार कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके हैं। बृहस्पतिवार की देर शाम प्रशासनिक टीम ने दुकानों को चिन्हित किया और दुकानदारों को शुक्रवार की शाम तक जगह खाली करने के निर्देश दिए।
120 सालों से चल रहे कारोबार
व्यापारियों का कहना है कि 120 साल से उनके परिवार के बुजुर्ग लोग इसी जगह पर रहकर कारोबार करते आए हैं, लेकिन इस तरह की कार्रवाई होना गलत है। इस कार्रवाई से काफी लोग बेरोजगार हो जाएंगे। दुकानों को चिह्नित करने के दौरान चौपला पर भीड़ एकत्र हो गई। वहीं व्यापारियों में मायूसी छाई हुई है। संवाद
दुकानों पर निशान लगाने के दौरान चौपले पर लगी लोगों की भीड़-।- फोटो : GARH