सरकारी अस्पताल में बेड खाली, क्लीनिकों में बेंच पर मरीज लगवा रहे ड्रिप
गढ़मुक्तेश्वर। मौसम में आए बदलाव की वजह से गढ़ क्षेत्र में घर-घर में बुखार के मरीज हैं। सरकार अस्पतालों में बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं के कारण ग्रामीणों को क्लीनिकों पर उपचार कराना पड़ रहा है। यहां बेड न होने के कारण चिकित्सक खाट और बेंच पर ही ड्रिप लगा रहे हैं।
गढ़, सिंभावली व बहादुरगढ़ के पीएचसी में लोगों को बेहतर उपचार नहीं मिल पा रहा है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सक न होने के कारण निजी अस्पतालों और झोलाछापों से ही इलाज कराना पड़ रहा है। इन दिनों क्लीनिकों पर मरीजों की अच्छी खासी भीड़ है। ओपीडी के अलावा मरीजों को यहां भर्ती भी किया जा रहा है। मरीजों को खाट और बेंच पर ही लिटाकर ड्रिप लगाई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि
गढ़ सीएचसी, सिंभावली पीएसची में भी बेहतर व्यवस्था नहीं है। ग्रामीण इलाज के लिए जाते हैं लेकिन न तो वहां चिकित्सक मिलते हैं और न ही बेहतर व्यवस्था। घंटों तक इंतजार करने के बाद मरीजों को वहां से वापस आना पड़ता है।
गढ़ क्षेत्र में कई पीएचसी पर अल्ट्रा साउंड और ब्लड टेस्ट की कोई सुविधा नहीं है। जिसके चलते गरीबों को मजबूरी में निजी सेंटरों पर जांच करानी पड़ती है।
- क्या बोले अधिकारी
गांवों में स्वास्थ्यकर्मियों को भेजकर कैंप लगवाए जा रहे हैं, गढ़, बहादुरगढ़, सिंभावली क्षेत्र में भी टीम को भेजकर मरीजों की जांच कराकर दवाइयों का वितरण कराया जाएगा। - डॉ. रेखा शर्मा, सीएमओ
बहादुरगढ़ क्षेत्र में क्लीनिक के बाहर बेंच पर लेटकर ड्रिप लगवाने को मजबूर मरीज।- फोटो : GARH