पिलखुवा। कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला शुक्लान निवासी एक व्यक्ति ने नवजात की मौत के मामले में सरकारी अस्पताल के चिकित्सक और स्टाफ पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित शिकायत लेकर कोतवाली पहुंचा और मामले में कार्रवाई की मांग की। वहीं, अस्पताल की ओर से भी कोतवाली में तहरीर दी गई है।
मोहल्ला शुक्लान निवासी रवि ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी पत्नी राखी नौ माह की गर्भवती थी। शनिवार को वह जांच के लिए रेलवे रोड स्थित सरकारी अस्पताल पहुंची थी। आरोप है कि अस्पताल में भर्ती करने के बाद प्रसव कराया गया लेकिन हालत बिगड़ने पर उसे दूसरे अस्पताल ले जाने के लिए कह दिया गया। इसके बाद परिजन महिला और नवजात को शहर के दो निजी अस्पतालों में लेकर पहुंचे। वहां से भी राहत नहीं मिलने पर गाजियाबाद के एक अस्पताल ले जाया गया, जहां नवजात की मौत हो गई। पीड़ित का आरोप है कि चिकित्सक और स्टाफ की लापरवाही के कारण उसके बच्चे की मौत हो गई।
वहीं, पीएचसी केंद्र प्रभारी डॉ. प्रियंका ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि प्रसव के समय महिला की ननद मौजूद थी और उपचार निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया गया। बताया कि महिला को मेरठ रेफर किया जा रहा था लेकिन परिजन उसे निजी अस्पताल ले गए। डॉ. प्रियंका के अनुसार आशा कार्यकर्ता सुमन को धमकी मिलने के बाद उसकी ओर से भी कोतवाली में तहरीर दी गई है और संबंधित अधिकारियों को पूरे प्रकरण की जानकारी भेजी गई है। सीओ अनीता चौहान ने बताया कि दोनों पक्षों से शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।