श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को दुरस्त रखने के लिए पुलिस के अफसरों ने डायवर्जन का प्लान तैयार किया था। इसमें नो एंट्री में भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंध किया गया। हाईवे किनारे ट्रकों की लंबी कतारें देखी जा सकती हैं। लेकिन नियमित तौर पर चलने वाली अधिकांश डग्गामार बसों पर इस डायवर्जन का कोई असर नहीं है, क्योंकि उन्हें बस नो एंट्री से होकर निकालना आता है।
गढ़ स्याना चौपला के पास हाईवे की एक वीडियो वायरल हो रही है। इसमें एक बस को कुछ देर तक बेरिकेडिंग पर रोका जाता है, कुछ ही देर में बस को नो एंट्री में प्रवेश दिला जाता है। वीडियो में पूरा घटनाक्रम कैद है, बस का एक सहायक दौड़ता हुआ बताता है कि 500 रुपये देकर बस को यहां से निकलवाया है।
जबकि ऐसी ही एक दूसरी बस को पुलिस कर्मियों ने ब्रजघाट की ओर नहीं जाने दिया, बल्कि नीचे गढ़ की ओर चलता कर दिया। ऐसे में मेले की सुरक्षा और अधिकारियों के डायवर्जन प्लान पर सवाल उठ रहे हैं।
मामले की जांच कर होगी कार्रवाई
मामला फिलहाल जानकारी में नहीं आया है, पूरे प्रकरण की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। नियमों को तोडऩे वालों पर कार्रवाई होगी।-- आशुतोष शिवम, सीओ गढ़।