राठ कोतवाली क्षेत्र के बहगांव गांव निवासी कालीचरन ने बताया तीन जून 2008 को गांव की ही नर्वदा सिंह से विवाह हुआ था। जिससे दो पुत्रियां हुईं। बताया वह खेती करते हैं। उनका सपना पत्नी को पढ़ा लिखा कर सरकारी नौकरी दिलाना था। जिसके लिए जीतोड़ मेहनत की। शादी के बाद वर्ष 2014 में नर्वदा को इंटर व वर्ष 1017 में स्नातक की पढ़ाई कराई। वर्ष 2018 में नर्वदा की आशा बहू के पद पर नौकरी लग गई। बताया नौकरी के बाद अपने किसान पति के प्रति नर्वदा का व्यवहार बदल गया। कुछ समय बाद जरिया थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक से उसके संबंध बन गए।
बताया युवक वर्तमान में अपने गांव का प्रधान है। पत्नी उन्हें छोड़ कर युवक के साथ रहने लगीं। आरोप है जब उन्होंने विरोध किया तो ग्राम प्रधान ने जानमाल की धमकी देते हुए जबरन स्टांप पर फर्जी तरीके से तलाकनामा लिखवा लिया। बताया उनका अभी तक कोर्ट से तलाक नहीं हुआ। जिसके बावजूद ग्राम प्रधान दबंगई के बल पर उनकी पत्नी को राठ में कमरा लेकर अपने साथ रखे है। उन्हें जानमाल व फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दे रहे हैं। वहीं कोतवाल संजय कुमार सिंह ने कहा उनके संज्ञान में मामला नहीं है।
आपसी सहमति से अलग हुए थे दंपती
नर्वदा सिंह ने बताया शादी के दो साल बाद पति से विवाद होने लगा था। 19 अप्रैल 2022 में दोनों ने आपसी सहमति से गवाहों के बीच विवाह विच्छेद करते हुए तलाक का सहमति पत्र भरा था। कहा उनके पूर्व पति द्वारा लगाए गए आरोप निराधार हैं।