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अलग-अलग मामलों में तीन आरोपियों की जमानत हुई खारिज

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हमीरपुर। गांव में कोरोना टीकाकरण के दौरान एएनएम से अभद्रता कर सरकारी अभिलेख फाड़ने व वैक्सीन में डंडा मारकर तोड़ने के मामले में निरुद्ध आरोपी की जमानत याचिका की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अनिल कुमार सप्तम की अदालत ने खारिज कर दी।
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अभियोजन अधिकारी प्रदीप कुमार सरोज व सतेंद्र सिंह गौर ने बताया कि शहर कोतवाली के टिकरौली में पिछले 16 नवंबर एएनएम सीता ने बताया कि अन्य कर्मचारियों के साथ कोविड-19 के टीकाकरण कर रहीं थी। तभी आरोपी विनय साहू ने नशे की हालत में टीकाकरण से रोका उनके रजिस्टर फाड़ वैक्सीन के वायलों को फैला दिया। गाली गलौज कर जान से मारने की धमकी दी थी। इस मामले में एएनएम संघ के विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने आरोपी को 15 दिसंबर को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इस मामले के तथ्यों एवं परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने आरोपी की जमानत निरस्त कर दी है।
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दुष्कर्म के सह आरोपी की बेल नामंजूर
हमीरपुर। मौदहा थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़िता ने पुलिस को तहरीर दी। तहरीर में बताया कि 9 सितंबर 2021 को सह आरोपी शिवमोहन उनके घर बांदा से रात्रि में बहला फुसलाकर शादी करने के बहाने कानपुर ले गया। इसके बाद वहां से लखनऊ ले गया। उनके साथ दुष्कर्म करने में एक अन्य आरोपी को सहयोग करने पर मामला दर्ज हुआ था। बताया कि पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जिसमें मुख्य आरोपी शिवमोहन की जमानत कुछ दिन पूर्व खाजिर हो चुकी है। शुक्रवार को सह आरोपी की अदालत ने अर्जी खारिज कर दी है।
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चिटफंड कंपनी चलाने वाले आरोपी की बेल खारिज
हमीरपुर। अभियोजन अधिकारी ने बताया कि शहर निवासी पीड़िता मेवादेवी ने कोतवाली में जनवरी 2017 में मुकदमा दर्ज कराया था। जिला हापुड़ थाना पिलखुआ के किशनगंज निवासी आरोपी अनुभव मित्तल ने अपनी कंपनी सोशल ट्रेड में आनलाइन घर बैठे रोजगार देने का लालच दे कंपनी के खाते में 5 मई 2016 को 57500 रुपये जमा कराए थे। जिसका खाता संख्या 915020024019456 था। बताया कि जिसके बदले उसे आईडी 61834446 दी गई। कहा कि प्रत्येक दिन 125 लाइक करने होंगे। प्रत्येक लाइक पर 5 रुपये की दर से 625 रुपये होंगे। जिसमें इनकम टैक्स काटकर 525 रुपये दिए जाते थे। बताया कि उसके खाते में कुल 5 हजार रुपये आए। उसने बताया कि जनवरी 2017 से रुपये आना बंद हो गया। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध चिटफंड फर्जी कंपनी बनाकर लोगों के साथ षडयंत्र करने, फर्जी दस्तावेजों को असली रूप में प्रयोग करने, धोखाधड़ी करके धनराशि हड़पने का मामला दर्ज कर 15 जुलाई 2021 को जेल भेजा था। आरोपी की जमानत याचिका की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अनिल कुमार की अदालत ने बेल खारिज कर दी है।
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