राठ। किसानों को सिंचाई के लिए 10 घंटे बिजली मिल रही है। निर्बाध बिजली न मिलने से किसानों को गेहूं, मटर व मसूर की फसलों के सूखने का डर सता रहा है।
जराखर के देवेंद्र सिंह, रामप्रकाश, मचहरी के गुड्डू, अटगांव के रामसनेही राजपूत आदि किसानों ने बताया कि इस समय गेहूं, मटर व मसूर की फसल में सिंचाई की जरूरत है। अधिकांश किसान सिंचाई के लिए नलकूप पर निर्भर हैं। किसानों ने बताया कि 24 घंटे में मुश्किल से 10 घंटे ही बिजली मिल रही है। वह भी अलग-अलग समय पर मिलती है। निर्बाध बिजली न मिलने से सिंचाई नहीं हो पा रही है। बताया कि जराखर, अटगांव, नौरंगा, नहदौरा, मचहरी, खिरिया, बरुआ आदि गांवों में बिजली कटौती की समस्या है। किसानों ने बताया कि सुबह 10.30 से 12.30 तक बिजली आपूर्ति होती है। दोपहर ढाई बजे से रात नौ बजे तक बिजली रहती है। इसके अलावा कटौती रहती है।
बिजली के लिए निकाली पदयात्रा
जराखर गांव के रामपाल सिंह ने बताया कि बिजली कटौती से किसान परेशान हैं। कुछ समय पहले इसी को लेकर गांव से हमीरपुर तक पदयात्रा निकाल रहे थे। राठ में अधिकारियों ने झूठे वादे कर वापस लौटा दिया था।
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अघोषित कटौती से समस्या
जराखर के राजगुरु चौबे ने कहा कि फसलों को पानी की जरूरत है। बिजली की अघोषित कटौती से सिंचाई नहीं हो पा रही है। दलहनी फसलें अतिवृष्टि से नहीं हो पाई। अब सिंचाई की समस्या से फसलों के सूखने का खतरा है।