महोबा। खान सुरक्षा सप्ताह के शुभारंभ पर कानपुर-सागर हाईवे स्थित एक होटल में मंगलवार को कार्यक्रम हुआ जिसमें खान सुरक्षा नॉर्दन जोन के महानिदेशक नीरज कुमार ने कहा कि खनन के दौरान श्रमिकों की सुरक्षा में कोई समझौता नहीं होगा। सभी खान मालिकों को नियमों के तहत ही काम करना होगा। खनन क्षेत्र में आकस्मिक दुर्घटना होने पर पुलिस को जांच का अधिकार नहीं है। खान के अंदर दुर्घटना होने पर खान सुरक्षा निदेशालय ही जांच करेगा।
महानिदेशक ने कहा कि सभी खान संचालकों को खान सुरक्षा अधिनियमों का पालन करना होगा। राज्य सरकार का काम खनन पट्टा देना है जबकि खान सुरक्षा निदेशालय का काम नियमों के तहत खनन कराने का है। बिना खान सुरक्षा निदेशालय के खनन अवैधानिक है। सभी खनन व्यापारियों को माइनिंग मेट इंजीनियर की उपस्थिति में काम कराना होता है। ताकि सुरक्षित खनन हो सके। छोटे-छोटे लीज को काॅमन बाउंड्री मिलाकर एक साथ चार लीज तक की परमिशन दी जा सकेगी। मैनेजर के हटाने पर दूसरे मैनेजर के रखने पर फिर से परमिशन लेना होगी।
ग्वालियर जोन के निदेशक कर्मदेव राम ने बताया कि छतरपुर, निवाड़ी, टीकमगढ़, दमोह, भिंड, शिवपुरी जिले का यहां संयुक्त कार्यक्रम खान सुरक्षा को लेकर हुआ। इसमें खान सुरक्षा के सभी प्रभावी नियमों को बताया गया है। मैकेनिकल खान सुरक्षा निदेशक विजय कुमार ने कहा कि मैकेनिकल सिस्टम से अब खनन का काम आसान होगा। जरूरत है नियमानुसार खनन करने की। उप निदेशक खान सुरक्षा प्रवीण कुमार ने नए खान सुरक्षा नियमों के बारे में बताया।
इस मौके पर अच्छा काम करने वाले एमपी के क्रशर खान संचालकों को महानिदेशक ने सम्मानित किया। कार्यक्रम में छतरपुर क्रशर यूनियन के विपुल अग्रवाल, अभिषेक सिंह, संजय जोशी आदि मौजूद रहे। संचालन शिक्षिका अपर्णा नायक ने किया।
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जिले के कारोबारियों ने सौंपा ज्ञापन
जनपद के खनन पट्टाधारकों का प्रतिनिधिमंडल महानिदेशक से मिला। इस दौरान तीन से चार साल के परमिशन देने व मैनेजर के हटने पर दूसरे मैनेजर को बिना नई परमिशन के एक्सटेंशन देने की मांग की। जिसे महानिदेशक ने स्वीकार कर लिया। साथ ही छोटे-छोटे खंड के पट्टे होने पर नियमों के पालन में आ रही दिक्कतों से भी महानिदेशक को अवगत कराया। जिस पर उन्होंने गंभीरता से विचार करने का भरोसा दिया। इस दौरान वसीम अहमद, राघवेंद्र सिंह, रघुराज सिंह, राम किशोर सिंह, सत्येंद्र अग्निहोत्री, विजय सिंह, उपेंद्र शुक्ला आदि पट्टाधारक मौजूद रहे।