राठ के कुम्हरिया स्कूल में बैठी छात्राएं।
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कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय कुम्हरिया में बीमार हुई 22 छात्रों की हालत में सुधार होने पर वार्डन ने छात्राओं की रविवार तक के लिए छुट्टी कर दी। वार्डन का कहना था कि छात्राओं के अभिभावक अपने बच्चों के स्वास्थ्य ठीक होने तक के लिए अपने घर ले गए। वहीं बच्चों के जाने से स्कूल में सन्नाटा पसर गया। वहीं बीएसए ने राठ के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय के एक टीचर और एक रसोइया की ड्यूटी लगा दी।
गौरतलब है कि सोमवार की शाम कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय कुम्हरिया की 15 छात्राओं की नाश्ता करने के बाद हालत खराब हो गई थी। वार्डन ने बीमार छात्राओं को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया था। रात में छात्राओं की हालत में सुधार आने पर वापस भेज दिया। मंगलवार की सुबह करीब 22 छात्राओं की फिर से उल्टी और गले में दर्द की शिकायत को लेकर हालत खराब हो गई थी। जिन्हें सीएचसी राठ में भर्ती कराया था।
इस मामले में बीएसए ने विद्यालय पहुंच कर मामले की जांच पडताल की और छात्राओं के बयान दर्ज किए थे। छात्राओं ने विद्यालय की फुल टाइम टीचर साधना, सुनीता और ओमनारायणी के विरूद्ध खाने में कुछ पदार्थ मिलाने का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी।
इस पर बीएसए ने तीनों टीचरों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी थी। मंगलवार की शाम तक अस्पताल में भर्ती छात्राओं की हालत में सुधार होने पर उन्हें वापस विद्यालय भेज दिया था। देर शाम बीएसए के आदेश पर वार्डन गायत्री वर्मा ने रविवार तक स्कूल की छुटटी करते हुए छात्राओं को उनके अभिभावक के साथ घर भेज दिया। बुधवार की सुबह सिर्फ 7 छात्राएं मौजूद रहीं।
शाम को शेष छात्राएं भी अपने परिजनों के साथ अपने गांव चली गईं। वहीं बीएसए ने मामले को गंभीरता लेते हुए मुख्य रसोइया संगीता की सेवाएं समाप्त कर दी। वार्डन ने बताया दो रसोईया उमादेवी और गुडडो बुधवार की सुबह स्कूल में आई और हस्ताक्षर कर नदारत हो गईं। खंड शिक्षा अधिकारी राजकुमार विश्वकर्मा ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है।