हमीरपुर। प्रमुख सचिव स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग एवं आयुष विभाग की अध्यक्षता में विभागीय कार्यों की समीक्षा बैठक कलक्ट्रेट सभागार में हुई। इसके बाद पौथिया व मौदहा का निरीक्षण किया।
बैठक में प्रमुख सचिव लीना जौहरी ने स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि विभाग द्वारा राजस्व संग्रह का लक्ष्य समय से प्राप्त किया जाए। राजस्व बढ़ोतरी की संभावनाओं को तलाशा जाए। अभियान चलाकर एक वर्ष अधिक पुराने स्टाम्प वादों का निस्तारण किया जाए। किसी भी दशा में स्टांप चोरी ना होने पाये। उन्होंने कार्यालयों में डाक्यूमेंट्स स्कैनिंग एवं डिजिटाइजेशन का कार्य शीघ्र पूर्ण कर लिया जाए।
आयुष विभाग की समीक्षा में उन्होंने कहा कि स्वस्थ दिनचर्या हेतु आयुष का अहम किरदार है। सभी जिलों में आयुष विभाग द्वारा जिला स्तर पर ही योग प्रशिक्षक एवं योग सहायकों ,योगा इंस्पेक्टर के रिक्त पदों को नियमानुसार भरा जाए। जिले स्तर पर नियमित रूप से आयुष विभाग द्वारा जिलाधिकारी की अध्यक्षता में मीटिंग कराई जाए। हेल्थ एवं योगा वेलनेस सेंटर को क्रियाशील किया जाए तथा आयुष विभाग के डॉक्टरों द्वारा आयुष चिकित्सालयों की ओपीडी में मरीजों को देखा जाए। आयुष विभाग के अंतर्गत निर्माण कार्यों के गुणवत्ता की कमेटी के माध्यम से जांच कराई जाए। आयुर्वेद की दवाइयों की सैंपलिंग कराई जाए। इस मौके पर महानिरीक्षक निबंधन ,मिशन निदेशक आयुष , जिलाधिकारी डॉ चंद्र भूषण ,चित्रकूट धाम मंडल के समस्त जनपदों बांदा महोबा चित्रकूट हमीरपुर के सहायक निबंधक स्टांप ,आयुष विभाग के अधिकारी तथा अन्य संबंधित मौजूद रहे।
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अरतरा में प्रमुख सचिव आयुस ने डाक्टरों को लगाई फटकार
मौदहा/ पौथिया। मौदहा विकास खंड के अरतरा में संचालित आयुष अस्पताल के निरीक्षण में पहुचीं प्रमुख मेंटेनेंस रजिस्टर न मिलने पर डाक्टरों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि नियमित रूप से अस्पताल खुलने चाहिए। स्टेशन मार्ग में निर्माणाधीन आयुष अस्पताल का निरीक्षण किया। इस मौके पर महानिरीक्षक निबंधन ,मिशन निदेशक आयुष , जिलाधिकारी डॉ चंद्र भूषण ,आयुष विभाग के अधिकारी तथा अन्य संबंधित मौजूद रहे हैं। पौथिया संवाद के अनुसार राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल का निरीक्षण किया।
जैसे ही अस्पताल पहुंची वैसे ही बारिश होने लगी बिजली न होने के कारण कमरे में पसीने से लथपथ हो गई। पौथिया चिकित्सा अधिकारी मीना कुमारी से गहनता से सवाल पूछे जिसमें डाक्टर उत्तर देने में हिचकिचातीं रहीं। प्रमुख सचिव का पारा चढ़ गया और कमरें के बाहर खड़े डीओ को बुला कर उन्हें खरी खोटी सुनाई। ग्रामीण नयनसुख सोनकर से दवा मिलने व अस्पताल खुलने की जानकारी ली । जिलाधिकारी चंद्रभूषण त्रिपाठी एस डी सदर ,आयुर्वेदिक अस्पताल के विभागीय अधिकारी मौजूद रहे ।