हमीरपुर। मंगलवार को जूनियर स्तर के विद्यालयों में चहलपहल दिखी। लंबे समय बाद खुले स्कूलों में बच्चे बिना मास्क व सैनिटाइजर के स्कूल पहुंच गए। वहीं शिक्षक भी बिना मास्क के बैठे नजर आए। स्कूलों में बच्चों की संख्या बमुश्किल दस फीसदी ही रही। फिलहाल बच्चों के अभिभावकों ने स्कूल जाने संबंधी अनुमति पत्र नहीं दिया है। ऐसे में शिक्षक घर-घर जाकर बच्चों को लाने का काम कर रहे हैं।
कोविड-19 का असर कम होने पर एक बार फिर सरकार ने विद्यालयों को दो पॉलियों में संचालित करने के आदेश दिया है। मंगलवार को जूनियर स्तर के विद्यालय खोले गए। शहर में संचालित बहुमंजिला कांशीराम कालोनी के स्कूल में सिर्फ तीन बच्चे बैठे नजर आए। वहीं कुछ देर में चार बच्चे और आ गए। लेकिन किसी भी बच्चे को सैनिटाइज नहीं कराया गया। एक साथ बैठे छात्र बिना मास्क के मिले। शिक्षिका सीमा सचान भी बिना मास्क के बैठी मिलीं।
कहा जल्दबाजी में उनका मास्क घर पर छूट गया है। कहा अभी किसी भी अभिभावक ने अनुमति पत्र नहीं दिया है। उन्हें कोविड की तीसरी लहर का भय है। जिसके कारण छात्र नहीं आ पा रहे हैं। लेकिन किसी तरह घर-घर जाकर उन्हें लाया जा रहा है। उधर ज्यादातर इंटर कालेजों में पीईटी केंद्र बनाए जाने से बच्चे नहीं पहुंच सके। इधर सरस्वती शिशु मंदिर में तीन कक्षाओं में पहले दिन मात्र सात बच्चे पहुंचे। प्रधानाचार्य हरचरण साहू ने कहा पहला दिन होने से बच्चे नहीं आए हैं।
अभिभावकों ने नहीं भेजा बच्चों को
मौदहा। कोरोना के कारण काफी अरसे के बाद क्षेत्र के पूर्व माध्यमिक विद्यालय खुले। जिनमें पढ़ने आने वाले बच्चों की संख्या न के बराबर रही। हालांकि अध्यापक अभिभावकों से मिलकर उनके बच्चों के पढ़ाई को लेकर जागरूक करने में जुटे हैं। कोरोना महामारी के चलते विद्यालय काफी समय से बंद चल रहे हैं। मंगलवार से नगर समेत क्षेत्र के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में आने वाले बच्चों की संख्या न के बराबर रही। शिक्षक बच्चों के अभिभावकों से मिल उन्हें विद्यालय भेजने या घर में ऑनलाइन पढ़ाई करने का सुझाव दे रहे हैं। खंड शिक्षा अधिकारी राम गोपाल वर्मा ने बताया पहले दिन विद्यालय आने वाले बच्चों की संख्या काफी कम रही। (संवाद)
छात्रों की उपस्थिति रही बहुत कम
भरुआसुमेरपुर। कस्बे के कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय में एक दर्जन छार्त्राएं आइं। उन्हें सैनिटाइज कराकर कक्षा में प्रवेश दिलाया गया। प्रधानाध्यापिका वंदना त्रिपाठी ने बताया 50 फीसदी बच्चों को बुलाया जाना था। प्रथम दिन संख्या उम्मीद से कम रही है। बाउंड्रीवाल क्षतिग्रस्त होने से स्कूल प्रांगण में लगी पौध को शरारती बच्चे क्षतिग्रस्त कर रहे हैं। शौचालय पेयजल की टंकी आदि में लगी टोंटियां अराजकतत्व तोड़ ले गए हैं। नगर पंचायत अध्यक्ष सहित विभागीय अधिकारियों से बाउंड्रीवाल बनवाने की मांग कर चुकी हैं। (संवाद)