हमीरपुर। जिला मुख्यालय से दर्जनों गांवों को जोड़ने वाला बड़ागांव से टिकरौली तीन किमी संपर्क मार्ग एक वर्ष से बजट के अभाव में अधूरा पड़ा है। जिससे क्षेत्र के दर्जनों गांवों के लोग करीब 8 किमी का अतिरिक्त चक्कर काटकर मुख्यालय जाते हैं। बरसात के चार महीने यह मार्ग पूरी तरह ठप रहता है। जिससे छात्र-छात्राओं सहित हजारों ग्रामीणों को भारी परेशानी उठानी पड़ती हैं।
बुंदेलखंड विकास निधि से करीब सवा दो करोड़ की लागत से शासन ने इस सड़क को वर्ष 2019-20 में स्वीकृति दी थी। करीब 40 फीसदी बजट मिल चुका है। इससे कार्यदायी संस्था ने कच्चा काम कर आधी-अधूरी डस्ट डलवा दी है। तीन किमी टिकरौली से बड़ागांव संपर्क मार्ग अधूरा पड़ा है। कारीमाटी निवासी बबलू सिंह का कहना है गर्मियों के सीजन में ठेकेदार ने डस्ट डलवाई थी। वह भी आधी-अधूरी। अब लोगों को मुख्यालय आने जाने के लिए 6 से 8 किमी का अतिरिक्त चक्कर काटना पड़ता है। बताया सैकड़ों छात्र-छात्राएं साइकिल से स्कूल पढ़ने जाते हैं। जिनको बहुत मेहनत करनी पड़ती है। बड़ागांव निवासी क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रतिनिधि राजबहादुर पाल ने बताया एक वर्ष से यह सड़क बन रही है।
लेकिन अभी तक 30 फीसदी कार्य हुआ है। कहा सड़क न बनने से पत्योरा, बड़ाकछार, छोटाकछार, जलाला, भंभौरा सहित दर्जनों गांवों के लोग 8 किमी का चक्कर काटते हैं। कई बार अधिकारियों से इस सड़क को शीघ्र बनाए जाने की गुहार लगा चुके हैं। लेकिन बजट न मिलने की बात कही जा रही है। लोनिवि के एई एमएल वर्मा ने कहा बुंदेलखंड विकास निधि से बनने वाली कुछ सड़कों को पूरा धन नहीं मिला है। इससे सड़कों का कार्य प्रभावित है। धनराशि का आवंटन होते ही सड़कें बनाई जाएंगी।