हमीरपुर। यमुना और बेतवा नदी उफान पर हैं। यमुना का खतरे का निशान 103.632 मीटर है। गुरुवार सुबह 10 बजे जलस्तर 103.680 पर रहा। 20 सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से नदी बढ़ रही है। दोपहर 12 बजे तक खतरे के निशान से ऊपर 0.304 सेमी पहुंच गई है। बेतवा अभी खतरे के निशान से एक मीटर नीचे बह रही है। मौजूदा में नदी का जलस्तर 103.180 है, जबकि खतरे का बिंदु 104.546 मीटर पर है।
नदियों के किनारे की निचली बस्तियों में बाढ़ का पानी धीरे-धीरे बढ़ रहा है। शहर के चूरामन डेरा, राठ मार्ग के किनारे रह रहे परिवार सामान समेट कर ऊंचाई के स्थानों पर पहुंच रहे हैं। शहर के गौरादेवी नई बस्ती, पुराना यमुना घाट, डिग्गी व सिडरा गांव के पास बाढ़ का पानी पहुंच गया है। वहीं कुरारा ब्लाक के पारा गांव जाने वाले मार्ग में बेतवा नदी की बाढ़ का पानी नाले व सड़क में भरा है।
जिससे आवागमन ठप है। मौदहा बांध निर्माणखंड के अधिशासी अभियंता करनपाल सिंह ने बताया दोनों नदियां ऊपरी क्षेत्रों से आ रहे पानी से बढ़ रही हैं। शहर से नदियों में गिरे गंदे नालों के पानी निकासी के चैनलों को बंद कर दिया गया है। बेतवा तटबंध पर बड़े देव बाबा स्थान के पास बंधे में पंपसेट लगाकर पानी को निकाला जा रहा है।
संभावित बाढ़ से प्रभावित स्थलों का डीएम ने लिया जायजा
हमीरपुर। यमुना व बेतवा नदियों में बढ़ रहे जलस्तर और संभावित बाढ़ को देखते गुरुवार को डीएम डॉ. ज्ञानेश्वर त्रिपाठी व एसपी कमलेश दीक्षित ने विभिन्न स्थलों का जायजा लिया। डीएम ने बाढ़ से निपटने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों को तैयारी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बाढ़ चौकियों को भी अलर्ट रहने व जरूरत की सभी सामग्री रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने भिलावां, मेरापुर, केसरिया डेरा, जौहरिया डेरा, डिग्गी, ईश प्रभु चैतन्य आश्रम का भ्रमण किया। लोगों से बातचीत कर नदी के कैचमेंट एरिया से दूर रहने, नदी में आखेट आदि न करने के बारे में जागरूक किया। बाढ़ राहत केंद्र में आश्रय दिलाया जाएगा और खाने-पीने, भोजन आदि की समस्या नहीं होने दी जाएगी। कुछेछा स्थित राजकीय महाविद्यालय में बाढ़ राहत शिविर की व्यवस्था की गई है। जिलाधिकारी ने कहा किसी भी समस्या पर कंट्रोल रूम नंबर 05282- 222330 पर संपर्क कर सकते हैं। (संवाद)