हमीरपुर। जनपद के अस्थायी गोआश्रय स्थलों के प्रबंधन, संचालन एवं भरण पोषण के संबंध में जिलाधिकारी डॉ.ज्ञानेश्वर त्रिपाठी ने बैठक ली। इसमें अन्ना गोवंश के लिए ग्राम पंचायतों में चारागाह का विकास न करने पर संबंधित खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) व पशु चिकित्सा अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है। अन्ना पशुओं को किसी भी दशा में सड़कों पर घूमते पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।
डीएम ने कहा कि अस्थायी गोआश्रय स्थलों के प्रबंधन के लिए जो धनराशि दी गई है। उसका उपभोग सर्टिफिकेट शीघ्र दें। नोडल अधिकारी गोशालाओं की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करें। सहभागिता योजना के तहत अन्ना गोवंश को गोद लेने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करें। उन्होंने ग्राम पंचायतों में एक हेक्टेयर से अधिक भूमि को चिह्नित कर चारागाह विकास करने के लिए पूर्व में ही सभी बीडीओ एवं अन्य संबंधित को सूचित कर दिया था, लेकिन चारागाहों का विकास न होने पर संबंधित बीडीओ व पशु चिकित्साधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है।
पराली जलाने की घटना नहीं होने के लिए धान फसल वाले क्षेत्रों को चिह्नित कर लोगों को जागरूक करने की बात कही। बैठक में सीडीओ केके वैश्य, एडीएम विनय प्रकाश श्रीवास्तव, एसडीएम सदर संजय कुमार मीणा, एएसपी अनूप कुमार आदि मौजूद रहे।