हमीरपुर। महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना में महिला मजदूरों की संख्या बढ़ाने की कमान महिला मेट संभालेंगी। मनरेगा सेल ने इसके लिए 171 महिला मेटों को प्रशिक्षित किया है। जल्द ही यह महिला मेट अपना काम शुरू कर देंगी। इससे मनरेगा में महिलाओं की संख्या बढ़ेगी और उन्हें गांव में ही रोजगार मिल सकेगा। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए केंद्र व राज्य सरकार प्रयासरत हैं। जिनके लिए स्वयं सहायता समूह के माध्यम से महिलाओं को रोजगार से जोड़ने का प्रयास है।
अब महिला मेटों के माध्यम से मनरेगा में महिलाओं की संख्या बढ़ाई जाएगी। जनपद भर में इसके लिए 171 महिला मेटों का चयन किया गया है। उन्हें प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। सितंबर के प्रथम सप्ताह से महिला मेट कार्य में लग जाएंगी। प्रत्येक महिला मेट को 20 महिला मजदूरों को मनरेगा में काम के लिए प्रेरित करना होगा। चिह्नित किए गए 20 महिला मजदूरों को गांव में ही 90 दिन तक मनरेगा के तहत काम दिया जाएगा। इसके लिए मनरेगा श्रमिकों को प्रति मजदूर 204 रुपये और महिला मेट को 330 रुपये का भुगतान किया जाएगा।
एपीओ मनरेगा धर्मेंद्र ने बताया अभी तक जारी शासन की गाइडलाइन के अनुसार जनपद में 171 स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है। कुछ ने तो अपना काम भी शुरू कर दिया है। जिन ग्राम पंचायतों में महिला मेटों की नियुक्तियां नहीं हुई हैं। वहां पर रोजगार सेवक आवश्यकतानुसार ऐसी महिलाओं की नियुक्ति कर काम पर रखने के निर्देश दिए जा चुके हैं।
41 फीसदी है महिलाओं की भागीदारी
ग्राम पंचायतों में रोजगार के लिए मनरेगा योजना का संचालन किया जा रहा है। इसमें पुरुष व महिला मजदूरों को काम करने का अधिकार है। वर्तमान में नजर डालें तो जनपद में महिला मजदूरों की भागीदारी 41 प्रतिशत के करीब है। जो अन्य जनपदों से बेहतर है। वहीं अब महिला मेटों के माध्यम से यह आंकड़ा 50 फीसदी बढ़ने की उम्मीद है।