हमीरपुर। सुमेरपुर के सिमनौड़ी गांव में डेढ़ वर्ष पूर्व जमीन के विवाद में पिता की कुल्हाड़ी व लाठी से पीटकर हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम मनोज कुमार शासन ने दोषी बेटे व पोते को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोनों पर 22-22 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। पिता के जमीन बेचने से मना करने पर वारदात को अंजाम दिया गया था।
सिमनौड़ी गांव निवासी कालीचरन ने 10 अप्रैल 2023 की शाम करीब पांच बजे सुमेरपुर थाने में अपने बड़े भाई कामता व उसके बेटे सुशील के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि वह दिन में मजदूरी करने सुमेरपुर गए थे। घर पर उसकी पत्नी वंदना व पिता रामगुलाम थे।
दोपहर करीब एक बजे कामता अपने बेटे के साथ वहां पहुंचा। पिता रामगुलाम से जमीन बेचने को लेकर विवाद करने लगा। पिता ने विरोध किया तो दोनों ने पीटा। घसीटकर बाहर लाए। लाठी व कुल्हाड़ी से पीटकर हत्या कर दी। पुलिस ने दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्जकर कोर्ट में जुलाई 2023 को आरोपपत्र दाखिल किया। सुनवाई करते हुए अदालत ने पिता पुत्र को हत्या का दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
रुपये भाई को थमाने की आशंका में की थी हत्या
ग्रामीणों के अनुसार कामता को अपने पिता रामगुलाम पर जमीन बेच कर रुपये छोटे बेटे कालीचरण को थमा देने की आशंका थी। इसकी बौखलाहट में उसने घटना को अंजाम दिया था। जानकारी के अनुसार रामगुलाम ने घटना से पांच वर्ष पूर्व कालीचरन का पहली पत्नी से चल रहे विवाद को निपटाने और उसकी दूसरी शादी कराने के लिए तीन बीघे जमीन बेची थी। इससे कामता आहत था।