फोटो07एचएएमपी 22- घटना के बाद सड़क किनारे खड़ी महोबा डिपो की दुर्घटनाग्रस्त बस व क्षतिग्रस्त टैंकर।
विभागीय पड़ताल में सात मई 2025 को बेड़े में शामिल हुई थी बस, 47.19 किमी प्रति घंटे की गति से दौड़ रही थी
पांच दिसंबर 2027 तक वैध है फिटनेस, तकनीकी जांच जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। एनएच-34 पर कुंडौरा गांव के पास रोडवेज बस और डीजल टैंकर की आमने-सामने भिड़ंत के बाद परिवहन निगम ने बस की तकनीकी और प्रशासनिक जांच शुरू कर दी है। फिलहाल अब तक की जांच में बसे में न कोई यांत्रिक खराबी मिली और न तेज रफ्तार।
विभागीय अभिलेखों के अनुसार दुर्घटनाग्रस्त बस की जीपीएस आधारित गति हादसे के समय 47.19 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज थी। बस सात मई 2025 को महोबा डिपो के बेड़े में शामिल की गई थी और उसकी फिटनेस पांच दिसंबर 2027 तक वैध है। प्रारंभिक तकनीकी पड़ताल में बस में किसी यांत्रिक खराबी की पुष्टि नहीं हुई है। विस्तृत विभागीय जांच अभी जारी है।
परिवहन निगम के रिकॉर्ड के अनुसार बस में शाम 6:52 बजे अंतिम टिकट जारी किया गया था। इसके कुछ ही मिनट बाद कुंडौरा गांव के पास बस की डीजल टैंकर से भिड़ंत हो गई। हादसे में रोडवेज चालक निसार खान, महोबा निवासी सेवानिवृत्त रोडवेज कर्मचारी नंदकिशोर नायक और टैंकर चालक महेश चौरसिया की मौत हो गई जबकि 20 से अधिक यात्री घायल हुए।
कार्यशाला स्तर पर बस के मेंटीनेंस अभिलेखों की भी जांच की जा रही है। प्रारंभिक परीक्षण में ब्रेक, स्टीयरिंग अथवा अन्य यांत्रिक प्रणाली में किसी खराबी के संकेत नहीं मिले हैं। विभाग जीपीएस रिकॉर्ड, ई-टिकट मशीन, चालक-परिचालक के बयान तथा अन्य तकनीकी तथ्यों का मिलान कर रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों ने टैंकर के ओवरटेक करने और तेज गति से आने का दावा किया है। हालांकि दुर्घटना के कारणों पर अंतिम निष्कर्ष पुलिस और विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
इनसेट :
दुर्घटना में घायल और मृत यात्रियों के लिए यह है प्रावधान
परिवहन निगम के अधिकारियों के अनुसार रोडवेज बस में यात्रा के दौरान दुर्घटना होने पर पात्र यात्रियों को निगम की दुर्घटना सहायता योजना का लाभ दिया जाता है। इसमें अस्पताल में भर्ती घायल यात्री को प्राथमिक उपचार के लिए 5,000 रुपये की तत्काल सहायता। गंभीर रूप से घायल यात्री के उपचार पर अधिकतम 2.50 लाख रुपये तक की सहायता, निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार। दुर्घटना में मृत रोडवेज बस के यात्री के आश्रित को 7.50 लाख रुपये की दुर्घटना सहायता राशि का प्रावधान। उपचार सहायता के लिए अस्पताल के बिल एवं सक्षम चिकित्साधिकारी से सत्यापित अभिलेख आवश्यक होंगे। टिकट क्षतिग्रस्त या खो जाने की स्थिति में उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर पात्रता का परीक्षण किया जाएगा।
इनसेट :
जांच में अब तक सामने आए प्रमुख तथ्य
- बस 7 मई 2025 को महोबा डिपो के बेड़े में शामिल हुई।
- फिटनेस 5 दिसंबर 2027 तक वैध।
- हादसे के समय जीपीएस में 47.19 किमी प्रति घंटे की गति दर्ज।
- शाम 6:52 बजे अंतिम टिकट जारी हुआ।
- प्रारंभिक तकनीकी परीक्षण में कोई यांत्रिक खराबी सामने नहीं आई।
विभागीय जांच जारी है।
वर्जन :
दुर्घटनाग्रस्त बस नई थी। इसकी फिटनेस पांच दिसंबर 2027 तक वैध है। प्रारंभिक तकनीकी परीक्षण में किसी प्रकार की यांत्रिक खराबी सामने नहीं आई है। विस्तृत जांच की जा रही है।-वीरबहादुर, कार्यशाला प्रभारी, महोबा
वर्जन :
दुर्घटना के बाद विभागीय स्तर पर तकनीकी एवं प्रशासनिक जांच कराई जा रही है। पात्र घायलों और मृत यात्रियों के आश्रितों को निगम के नियमानुसार दुर्घटना सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कराई जा रही हैं।- आरपी साहू, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक, हमीरपुर