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आठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर खून की जांच नहीं

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सीएचसी छानी में धूल फांकती सीबीसी मशीन। - फोटो : HAMIRPUR
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हमीरपुर। स्वास्थ्य सेवाओं का हाल-बेहाल है। जिले में नौ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में से आठ में कंपलीट ब्लड काउंट (सीबीसी) की जांच कराने तक सुविधा नहीं है। सिर्फ सरीला के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पताल में यह सुविधा मिल रही है। इसलिए ज्यादातर मरीजों को सीबीसी जांच के लिए तीन सौ रुपये खर्च कर प्राइवेट पैथोलॉजी का सहारा लेना पड़ता है।
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डॉक्टरों के मुताबिक कि सीबीसी मशीन की मदद से खून की 20 प्रकार की जांच की जाती हैं। इसमें हीमोग्लोबिन, प्लेटलेट्स सबसे महत्वपूर्ण हैं। आरबीसी, एमसीएच, एमसीवी समेत कई अन्य जांचें भी होती हैं। सीबीसी में खून में मौजूद कोशिकाओं की गिनती होती है। इसमें ब्लड में मौजूद लाल रक्त कणिकाएं, सफेद रक्त कणिकाएं और प्लेटलेट्स की संख्या व उनका आकार देखा जाता है।
पठानपुरा निवासी सुनील कुमार स्वास्थ्य दिक्कत पर सीएचसी राठ पहुंचे। वहां डॉक्टर ने सीबीसी जांच लिख दी। वह जांच कराने पहुंचे तो पता चला कि सीबीसी जांच बंद है। मजबूरी में प्राइवेट पैथोलॉजी में तीन सौ रुपये देकर जांच करानी पड़ी। गायत्री नगर निवासी अकाश परिहार ने बताया कि उसे कई दिनों से बुखार आ रहा है। डॉक्टर की सलाह पर सीबीसी जांच कराने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौरंगा पहुंचे। पता चला कि यहां एक साल से जांच के लिए स्टाफ ही नहीं हैं। बाहर से जांच करानी पड़ी।
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कुरारा में जांच मशीन हैं लेकिन लैब टेक्नीशियन नहीं हैं। मौदहा में सीबीसी जांच मशीन है लेकिन आपरेट करने के लिए स्टाफ नहीं है। गोहांड, इमिलिया और मुस्कुरा में सीबीसी जांच मशीन नहीं हैं। राठ में सीबीसी मशीन खराब है। नौरंगा में सीबीसी मशीन है लेकिन लैब असिस्टेंट का एक साल पहले ट्रांसफर हो गया है। अब तक कोई नया स्टाफ नियुक्त नहीं हैं। छानी में मशीन धूल फांक रही है।
जिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर सीबीसी मशीनें इंस्टाल नहीं हैं, वहां जल्द व्यवस्था की जाएगी। स्टाफ की समस्या दूर कर जल्द सीबीसी जांच की व्यवस्था कराई जाएगी।
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-डॉ. एके रावत, सीएमओ
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