हमीरपुर/मौदहा। बुखार से पीड़ित मरीजों की बुधवार को जिला अस्पताल में भीड़ रही। इनमें बुखार से 55 गंभीर बीमार मरीजों को वार्ड में भर्ती कराया गया। ज्यादातर मरीज बुखार, खांसी, जुमाम व सिरदर्द के रहे। पांच मरीजों को डेंगू निकला वहीं मौदहा के एक मरीज की झांसी में मौत हो गई।
जिला अस्पताल में बुधवार को 1032 मरीजों ने पर्चे बनवाए। जिनमें 223 मरीजों ने खून की जांच कराई। जांच कक्ष ओपीडी के साथ पर्चा व जांच कक्ष में मरीजों और तीमारदारों की भीड़ रही। फिजीशियन डॉ. आरएस प्रजापति ने बताया 188 मरीजों का उपचार किया है। बताया वायरल बुखार के 158 मरीज देखे गए हैं। जिसमें 45 मरीजों को वार्ड में भर्ती किया गया है। वहीं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राधेरमन गुप्ता ने बताया वायरल बुखार के 334 बच्चे देखे गए हैं। कहा वायरल बुखार के 10 बच्चों को वार्ड में भर्ती कराया गया है। बुधवार को डेंगू के लक्षणों वाले सात मरीजों की जांच हुई। जिसमें पांच लोगों की डेंगू निकलने की पुष्टि हुई है। सीएमएस डा. विनय प्रकाश ने बताया डेंगू लक्षण वाले मरीजों की जांच एलीजा किट से की जा रही है।
मौदहा संवाद के अनुसार टिकरी निवासी एक वृद्ध की डेंगू के चपेट में आने पर इलाज के दौरान झांसी मेडिकल कालेज में मौत हो गई। वहीं सीएचसी में बुखार से पीड़ित मरीजों से वार्ड भरे हैं। टिकरी निवासी कल्लू (62) को एक सप्ताह पूर्व बुखार आने पर सरकारी अस्पताल में इलाज कराया था। लेकिन हालत में सुधार न होते देख सदर अस्पताल भेजा गया। जिस पर उनके परिजन उसे इलाज को बांदा ले गए। जिला अस्पताल में लगातार हालत बिगड़ते देख परिजन झांसी मेडिकल कॉलेज ले गए। जहां परीक्षण के दौरान डेंगू होने की पुष्टि हुई। मंगलवार की रात इलाज के दौरान कल्लू की मौत हो गई। इस घटना से उसके परिजनों में कोहराम मच गया। इसके पूर्व ग्राम अरतरा व लरौंद में एक-एक मरीज डेंगू के मरीज मिल चुके हैं। इलाज के बाद इनकी हालत में सुधार है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. अनिल सचान ने बताया उनके पास डेंगू से किसी व्यक्ति की मौत होने की सूचना नहीं है।