युवराज सिंह, मनीषा अनुरागी और राजबहादुर पाल
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हमीरपुर जिले में पिछले विधानसभा और लोकसभा चुनाव परिणामों को देखें तो लगातार कोई भी राजनीतिक दल सफल नहीं हुआ है। हर बार बदलाव की बयार बही है। पंचायत चुनाव में विभिन्न राजनैतिक दलों ने प्रत्याशी उतारे तो संबंधित दल पुरानी सीटों पर काबिज नहीं रह सके।
पंचायत चुनावों के आए परिणाम को देखते जिले की दोनों सीटों पर काबिज भाजपा की राह 2022 के विधान सभा चुनाव में आसान नहीं होगी। जिले में 17 सदस्यीय जिला पंचायत सदस्य सीटों पर चुनाव हुए तो सत्तादल से जुड़े चार प्रत्याशी विजयी हो सके।
इस दल की सरकार होने के साथ दोनों विधानसभाओं में पार्टी के विधायक हैं। पिछले 2015 में हुए चुनाव को देखते हुए भाजपा की इस बार तीन सीटें ही बढ़ी हैं। इन चुनावों में भाजपा के समर्थन पर मैदान में कूदे कई प्रत्याशियों को पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं का सहयोग नहीं मिला। कई मतदान केंद्रों पर तो कार्यकर्ताओं ने उनके बस्ते तक नहीं लगाए।
गुटबाजी भी खूब रही, लिहाजा विधायक भी प्रत्याशियों के प्रचार में नहीं निकले। साथ ही बागियों ने भी पार्टी के समर्थित प्रत्याशियों को हराने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। हालांकि पार्टी से समर्थन न मिलने के बावजूद अपनी दमखम पर तीन बागी निर्दलीय के रूप में चुनाव जीते हैं।
वहीं, राठ विधानसभा की जिला पंचायत सीटों पर नजर डालें तो जरिया, नौरंगा व वीरा अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित थी। इन सीटों पर भाजपा के समर्थन से चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशियों को मुंह की खानी पड़ी। कमोवेश यही हाल समाजवादी पार्टी का रहा।
कुल जीती चार सीटों में सदर विधानसभा क्षेत्र में एक व राठ विधानसभा क्षेत्र में तीन सीटें मिल सकीं। 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव में टिकट के प्रबल दावेदार सपा नेता भी पार्टी के लिए वोट मांगने से परहेज करते रहे। वहीं बसपा को भी पिछलेे चुनाव के मुकाबले एक सीट का नुकसान उठाना पड़ा है। इस बार बसपा के दो प्रत्याशी ही जीत सके हैं।
जिला पंचायत की 17 सीटों पर आए परिणामों पर एक नजर
दल - सीटें
भाजपा - चार
सपा - चार
बसपा - दो
निषाद पार्टी - एक
निर्दलीय- छह
भाजपा विधायक युवराज सिंह ने कहा कि वह व उनके परिवार के सभी सदस्य कोरोना पॉजिटिव होने पर 14 दिन होम क्वारंटीन रहे। जिला पंचायत चुनाव पर कहा कि जिनको पार्टी की ओर से अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया गया, उनके परिवार भी प्रचार में नहीं निकले हैं।
विधायक मनीषा अनुरागी ने कहा कि जिले में उनकी पार्टी का अच्छा प्रदर्शन रहा है। कई प्रत्याशी व उनके परिवार के ही लोग प्रधान और बीडीसी का चुनाव लड़े। जिसके चलते वह खुद भी अपना प्रचार ठीक से नहीं कर पाए हैं। भाजपा से बागी हुए कुछ सदस्य चुनाव जीते हैं। कोरोना संक्रमण के बावजूद वह चुनाव में लगातार प्रचार में दौड़ती रही हैं।
सपा जिलाध्यक्ष राजबहादुर पाल ने कहा कि उनके चार घोषित प्रत्याशियों के साथ तीन और निर्दलीय रूप से चुनाव जीते हैं। कहा कि पार्टी का प्रदर्शन बेहतर रहा है। चुनाव हारे प्रत्याशियों द्वारा फेसबुक में किए जा रहे कमेंट पर कहा कि कुछ लोग अनर्गल आरोप लगाने के आदी होते हैं।