सबसे ज्यादा वक्त जिला पंचायत सदस्य के मतों की गिनती में लगा। प्रमाणपत्र लेकर बाहर निकलते ही विजयी प्रत्याशियों को उनके समर्थक फूल-मालाओं से लाद देते। वहीं हारे हुए प्रत्याशी व उनके समर्थक अपनी हार का गुणाभाग लगाते हुए मायूस होकर लौटे।
हमीरपुर जिले में दो दिन तक चली पंचायत चुनाव की मतगणना के बाद विजयी प्रत्याशियों को फूल-मालाओं से लाद दिया गया। वहीं हारे प्रत्याशी मायूस होकर मतगणना स्थल से निकल गए। बीएनवी इंटर कालेज में रविवार सुबह आठ बजे से शुरू हुई मतगणना सोमवार शाम तक चली। रविवार दोपहर 3 बजे प्रधान पद के लिए पहला परिणाम आया।
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देर शाम तक करीब आठ ग्राम प्रधानों की जीत की घोषणा हो चुकी थी। जीत को लेकर आश्वस्त प्रत्याशियों के समर्थक देर रात तक मतगणना स्थल के बाहर डटे रहे। सोमवार सुबह से समर्थकों की भीड़ बढ़ने लगी। इसी के साथ विजयी प्रत्याशियों के नामों की घोषणा होती गई।
सबसे ज्यादा वक्त जिला पंचायत सदस्य के मतों की गिनती में लगा। प्रमाणपत्र लेकर बाहर निकलते ही विजयी प्रत्याशियों को उनके समर्थक फूल-मालाओं से लाद देते। वहीं हारे हुए प्रत्याशी व उनके समर्थक अपनी हार का गुणाभाग लगाते हुए मायूस होकर लौटे।
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लॉकडाउन में फीका रहा जीत का जश्न
कोरोना संक्रमण के चलते तीन दिन के साप्ताहिक लॉकडाउन ने पंचायत चुनाव के विजेताओं की खुशियों पर पानी फेर दिया। बाजार बंद होने के चलते उन्हें आसानी से मिठाई भी नसीब नहीं हुई। उनके समर्थकों ने किसी तरह फूल मालाओं की व्यवस्था जरूर कर ली। समर्थकों को नाश्ता व चाय के लिए तरसना पड़ा।
सोशल मीडिया पर बधाई देने का जोर
कोरोना संक्रमण व लॉकडाउन के चलते विजयी प्रत्याशियों के समर्थक जीत का जश्न नहीं मना पाए, मगर सोशल मीडिया पर अपने प्रत्याशी की फोटो व शुभकामना संदेश डाल कर मन को तसल्ली दे रहे हैं। रविवार व सोमवार को सोशल मीडिया पर पंचायत चुनाव से संबंधित बधाई संदेशों की भरमार रही। वहीं जीते प्रत्याशी सोशल मीडिया के माध्यम से मतदाताओं का आभार जताते दिखे।
भाजपा को पांच तो सपा को चार सीटें मिली
जिला पंचायत सदस्य चुनाव में भाजपा को खासा नुकसान उठाना पड़ा। जिला पंचायत की कुल 17 सीटों में पांच सीटों में ही भाजपा जीत हासिल कर सकी है। जबकि निषाद पार्टी ने एक सीट पर कब्जा किया। वहीं बसपा दो सीटें कब्जाने में कामयाब रही। सपा ने चार सीटों पर परचम फहराया है। अन्य सीटों पर निर्दलीय आगे चल रहे हैं।
सपा जिलाध्यक्ष के छोटे भाई की पत्नी हारी
सरसई ग्राम पंचायत में सपा जिलाध्यक्ष राजबहादुर पाल की अनुज वधू को हार का मुंह देखना पड़ा। वह तीसरे स्थान पर रहीं। सपा जिलाध्यक्ष खुद एक बार प्रधान थे, एक बार उनकी पत्नी प्रधान रह चुकी हैं। इस बार ग्राम पंचायत में सपा जिलाध्यक्ष के भाई की पत्नी कलावती चुनाव लड़ रही थी। जो तीसरे स्थान पर रहीं। वहीं ग्राम पंचायत कुरारा देहात में पांचवीं बार प्रधान पद पर एक ही परिवार का कब्जा बरकरार रहा। कुरारा देहात के मजरा पडुई निवासी राम सजीवन निषाद सन 1995 से 2005 तक प्रधान पद रहे। इसके बाद उनकी पत्नी सुघरवती 2010 से 2020 तक प्रधान पद रहीं। वहीं अब उनके बेटे अमित कुमार ने जीत हासिल कर ग्राम प्रधान पद पर अपना कब्जा बरकरार रखा है।
राष्ट्रीय लोधी युवा महासभा के समर्थित प्रत्याशी ने जीत हासिल की
सरीला में जरिया जिला पंचायत क्षेत्र की चर्चित सीट से राष्ट्रीय लोधी युवा महासभा के समर्थित प्रत्याशी मदन कुमार ने 5178 वोट पाकर विजय प्राप्त की है। उन्होंने भाजपा के जयपाल श्रीवास को 4111 मतों से पराजित किया। जिससे पूरे कस्बे में खुशी का माहौल है। जीत के बाद मदन पासवान व महेंद्र मंत्री को बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। इस सीट पर राष्ट्रीय लोधी युवा महासभा के महेंद्र मंत्री ने अपने संगठन से अधिकृत प्रत्याशी बनाकर उतारा था। महेंद्र मंत्री के साथ जरिया क्षेत्र के सारे युवा संगठन एक साथ मदन को जिताने में जुट गए थे। इस सीट पर महेंद्र मंत्री सरीला किंग मेकर की भूमिका में रहे।
मौसेरे भाई को हराकर मुनेश बने बीडीसी
भरुआसुमेरपुर में क्षेत्र पंचायत वार्ड संख्या-25 मौहर से मौसरे भाई मुनेश कुमार व कोदू राम ने चुनाव लड़ा। जिसमें दोनों को बराबर 211- 211 मत मिले। जिस पर दोनों प्रत्याशियों की सहमति से लाटरी से परिणाम घोषित करने का निर्णय लिया गया। आरओ दिनेश सिंह की मौजूदगी में लाटरी डाली गई। जिसे ग्राम पंचायत विकास अधिकारी सोनाली सचान ने लाटरी खोली। जिसमें मुनेश कुमार विजयी घोषित किए गए।
82 साल की उम्र में फिर मिली प्रधानी
मुस्करा विकासखंड के गांव गहरौली से 82 वर्षीय वीरेंद्र कुमार राजपूत उर्फ बब्बू प्रधान ने एक बार फिर प्रधान पद पर जीत हासिल की। बतादें इससे पहले सन 1982 में पहली बार प्रधान बने थे और 1995 में उनकी पत्नी कुसमा रानी ने प्रधान पद की कमान संभाली थी। इस चुनावी घमासान में 82 वर्ष की उम्र में एक बार फिर बब्बू प्रधान ने महारथियों को पछाड़ते हुए 1415 वोट पाए और 172 वोटों से प्रतिद्वंदी प्रत्याशी राजकुमार राजपूत को शिकस्त दी।