फोटो 25 एचएएमपी 40- मौदहा गुड़ाही बाजार से निकलता कंस डोला। संवाद
वाटरप्रूफ कंस पुतला व नन्हे बच्चों की झांकियों संग निकला डोला
कजियाना स्थित मथुरा मंदिर में आरती के बाद गुड़ाही बाजार लौटा
संवाद न्यूज एजेंसी
मौदहा (हमीरपुर)। ऐतिहासिक कंस मेले की करीब डेढ़ सौ साल पुरानी परंपरा पर शुक्रवार को 12 घंटे तक हुई लगातार बारिश भी असर नहीं डाल सकी। बारिश के बीच आयोजकों ने वाटरप्रूफ कंस का पुतला तैयार कर डोला निकाला। नन्हे बच्चों की आकर्षक झांकियों से सजे डोले को देखने के लिए बारिश के बावजूद लोग जुटे रहे। डोला गुड़ाही बाजार से कजियाना मोहल्ला स्थित मथुरा मंदिर पहुंचा, जहां विधि-विधान से आरती की गई। इसके बाद डोला वापस गुड़ाही बाजार पहुंचा और मेला कार्यक्रम शुरू हुए।
शुक्रवार को सुबह से ही बारिश का सिलसिला जारी रहा। करीब 12 घंटे तक लगातार बारिश होने से मेला मैदान और सड़कों पर पानी भर गया। मीरा तालाब स्थित मेला मैदान में भी बारिश के कारण सन्नाटा पसरा रहा। इसके बावजूद कंस मेले की परंपरा को निभाने के लिए आयोजकों ने तैयारियां जारी रखीं। शाम को कंस के पुतले को बारिश से बचाने के लिए वाटरप्रूफ तरीके से तैयार किया गया। इसके साथ विभिन्न झांकियां सजाई गईं और नन्हे बच्चों को झांकियों में बैठाया गया।
शाम को गुड़ाही बाजार से कंस का डोला और झांकियां रवाना हुईं। डोला कजियाना मोहल्ले के मथुरा मंदिर पहुंचा। यहां पूजा-अर्चना और आरती के बाद डोला वापस गुड़ाही बाजार पहुंचा। डोले के लौटने के बाद यहां मेले के कार्यक्रम शुरू हुए। बारिश के कारण मैदान में अपेक्षाकृत कम भीड़ रही, लेकिन आयोजकों और श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ।
निगरानी करते रहे अफसर, बाशि में रहे पुलिसकर्मी
कंस मेले में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद रहा। बारिश से बचने के लिए पुलिसकर्मी जगह-जगह छाता और अन्य साधनों का सहारा लेते हुए ड्यूटी करते दिखाई दिए। एसडीएम करनवीर सिंह और सीओ राजकुमार पांडेय पुलिस बल के साथ मेला क्षेत्र में लगातार निगरानी करते रहे। अधिकारियों ने डोले के मार्ग और मेला क्षेत्र का भ्रमण कर सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था का जायजा लिया। पुलिस कर्मियों को भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर आवश्यक निर्देश दिए गए।
मीरा तालाब मैदान में पसरा रहा सन्नाटा
लगातार बारिश का असर मेला मैदान पर भी दिखाई दिया। मीरा तालाब स्थित मैदान में सामान्य दिनों की अपेक्षा शुक्रवार को सन्नाटा पसरा रहा। बारिश के कारण दुकानदारों और मेला देखने आने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद कंस मेले की मुख्य धार्मिक परंपरा डोला निकालने का कार्यक्रम निर्धारित तरीके से संपन्न कराया गया।