हमीरपुर। जिले की सीमा में एनएच-34 के यमुना पुल से छिरका मोड़ तक करीब 42 किलोमीटर सड़क को चौड़ा करने और डिवाइडर बनाने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। इस बार सनातन धर्म रक्षा महासंघ के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को मांग पत्र सौंपा है। कहा कि यहां आए दिन सड़क हादसे में लोगों को जान गंवानी पड़ रही। स्थानीय स्तर पर लोग इसे खूनी हाईवे कहने लगे हैं।
सनातन धर्म रक्षा महासंघ के प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. अवधेश मिश्रा, प्रांतीय संगठन मंत्री श्रीप्रकाश शुक्ला, महासचिव नीरज मिश्रा, जिला संयोजक डॉ. जयप्रकाश त्रिपाठी, जिलाध्यक्ष अवधेश यादव, ब्राह्मण महासभा के जिलाध्यक्ष दीपक मिश्रा समेत अन्य पदाधिकारी सोमवार को कलक्ट्रेट पहुंचे। यहां पर जिलाधिकारी अशोक कुमार को ज्ञापन सौंपा। दावा किया गया कि वर्ष 2018 से अब तक हमीरपुर, सुमेरपुर और मौदहा थाना क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले इस करीब 42 किमी हिस्से में हर साल 120 से 130 सड़क दुर्घटना में मौतें हुई हैं।
संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि सड़क चौड़ीकरण, डिवाइडर निर्माण और मानकों के अनुरूप सुरक्षा उपायों की कमी से लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। इस मुद्दे पर संस्था का 21 मई 2026 का ज्ञापन तथा सदर विधायक के 15 जून, 18 अगस्त और 24 अगस्त 2026 के पत्र भी दिए जा चुके हैं।
संगठन ने लक्ष्मीबाई तिराहा, बेतवा ब्रिज, राठ तिराहा, चंदोखी गेट, कुंडौरा मोड़, नारायणपुर, सुमेरपुर, इंगोहटा तिराहा, मकरांव, मौदहा चौराहा, इमिलिया टी-पॉइंट, नरायच गांव और छिरका मोड़ समेत 13 ब्लैक स्पॉट पर स्पीड ब्रेकर, गो स्लो संकेतक, पीली लाइट और बोर्ड लगाने की मांग की। यमुना-बेतवा पुलों पर नियमित यातायात पुलिस तैनाती और सुरक्षा उपायों की निगरानी की भी मांग की गई।