फोटो05एचएएमपी20 कविता पाठ करते कवि। स्रोत आयोजक
भरुआ सुमेरपुर। कस्बे के एक स्कूल में सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण पर एक कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें बौद्ध दृष्टिकोण पर वक्ताओं ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम के बाद कवि सम्मेलन भी , जिसमें कवियों ने अपनी रचनाएं सुनाईं।
कवि सम्मेलन में कवियों ने पर्यावरण, शांति, अध्यात्म और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी रचनाएं प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कवि हरीराम गुप्त निरपेक्ष ने आत्मचिंतन का संदेश देती रचना सुनाई। संयोजक रेवती कुमार पाठक शेखर ने पर्यावरण पर अपनी रचना प्रस्तुत की। संचालन कर रहे कवि कैलाश सोनी ने पर्यावरण प्रदूषण हटाने और अधिक पौधरोपण का आह्वान किया। अध्यक्ष गणेश सिंह विद्यार्थी ने भी पृथ्वी को बचाने के लिए पौधे लगाने का संकल्प लेने की अपील की।
कवि रामभूषण ने शांति को युद्ध का विकल्प बताया। हरीकिशन सेन ने आध्यात्मिक भटकाव पर रचना सुनाकर सभी का मन मोह लिया। शिक्षक-कवि नीतिराज सिंह की गजल सपने बेचे हैं मगर पंख नहीं बेचे हमने खूब सराही गई। कार्यक्रम के अंत में शिक्षक ऊदल यादव और विद्यालय के प्रधानाध्यापक अमित कुमार वर्मा ने सभी अतिथियों, कवियों और उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।