भरुआ सुमेरपुर। कस्बा सुमेरपुर की सहकारी समितियों में डीएपी खाद उपलब्ध न होने से किसान परेशान हैं। रबी की बोआई के लिए किसानों को खुले बाजार से महंगे दामों पर डीएपी खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। हालांकि जिम्मेदारों का दावा है कि रैक पॉइंट पर दो हजार एमटी खाद आ चुकी है जो सभी समितियों में भेजी जा रही है।
सुमेरपुर क्षेत्र के इंगोहटा, छानी, पौथिया, हेलापुर, पचखुरा बुजुर्ग और मुंडेरा में सहकारी समितियां संचालित हैं। इसके अलावा कस्बे की क्रय-विक्रय सहकारी समिति, क्षेत्रीय सहकारी समिति और पीसीएफ किसान सेवा केंद्र संचालित हैं। ग्रामीण क्षेत्र की समितियों में डीएपी, एनपीके एवं यूरिया उपलब्ध है लेकिन कस्बे की तीनों समितियों में पिछले दो-तीन दिनों से डीएपी खाद उपलब्ध नहीं है। इससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
किसान कामता प्रसाद, स्वामीदीन, वरदानी, उदयभान, राजा यादव और भूपेंद्र कुमार ने बताया कि समितियों में खाद न मिलने के कारण उन्हें खुले बाजार से महंगे दामों पर डीएपी खरीदनी पड़ रही है। समय पर खाद न मिलने से खेती-किसानी का काम प्रभावित होने की आशंका है। क्रय-विक्रय के सचिव शुभम त्रिपाठी, पीसीएफ के शिव सिंह और क्षेत्रीय सहकारी समिति के सचिव समीर सचान ने बताया कि डीएपी की रैक लग चुकी है। जल्द ही समितियों में खाद पहुंच जाएगी।
इंगोहटा समिति का मंडलायुक्त ने किया निरीक्षण
मंडलायुक्त अजय कुमार ने बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति इंगोहटा का शनिवार को औचक निरीक्षण किया। इस दौरान केंद्र पर पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध मिली। आयुक्त ने अधिकारियों को किसानों की मांग के अनुरूप समय से उर्वरक की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि किसानों को खाली हाथ वापस न लौटना पड़े। उन्होंने समिति को निर्धारित समय पर खोलने, वितरण में पारदर्शिता बरतने और उर्वरक निर्धारित दरों पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही वृद्ध पुरुषों एवं महिलाओं के लिए अलग कतार लगवाने के निर्देश दिए।
दो हजार एमटी महोबा रैक पॉइंट पर डीएपी आ चुकी है जो रविवार को सभी केंद्रों पर भेज दी जाएगी। 600 एमटी प्रयागराज से खाद आ चुकी है। इसे सभी बिक्री केंद्रों पर भेजा जा चुका है। किसान धैर्य रखें, सभी को खाद उपलब्ध कराई जा रही है। निजी बिक्री केंद्रों पर अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. हरिशंकर, जिला कृषि अधिकारी।