हमीरपुर। बीते दिनों तीन दिन हुई लगातार बारिश से तिल, मूंग, उड़द और मूंगफली की फसलें बर्बाद हुई हैं। वहीं बिरमा नदी में आई बाढ़ से जलजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। जिले भर में 300 से अधिक कच्चे घर जमींदोज हो गए। कृषि विभाग के अनुसार अब तक करीब 31 हजार किसानों ने फसल क्षति के दावे किए हैं। इनमें 20 हजार दावों का सर्वे पूरा हो चुका है।
डीएम अशोक कुमार ने मंगलवार को मुस्करा क्षेत्र के शिवनी, नत्थू पाल-डेरा सहित अन्य मजरों का निरीक्षण किया। साथ ही बिरमा नदी के जलस्तर, तटवर्ती कृषि भूमि, जलभराव से प्रभावित फसलों तथा क्षतिग्रस्त सड़कों एवं रपटों की स्थिति का जायजा लिया। अतिवृष्टि एवं जलभराव से क्षतिग्रस्त कच्चे मकानों का त्वरित सर्वे कराकर पात्र परिवारों को निर्धारित सहायता राशि उपलब्ध कराए जाने को कहा। इस मौके पर एसडीएम करनवीर सिंह, लोनिवि के सहायक अभियंता, बीडीओ मुस्करा राजीव सिंह, नायब तहसीलदार, राजस्व एवं कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
दर्शन के खेत पर पहुंचे डीएम
जिलाधिकारी शिवनी गांव में किसान दर्शन साहू के खेत पर पहुंच गए। उन्होंने तिल, मूंगफली एवं अरहर की फसलों का निरीक्षण किया। नुकसान को करीब से देखा। आसपास के खेतों में भी नजर दौड़ाई। इस दौरान उन्होंने फसल क्षति का खेत-खेत सर्वे कराते हुए पारदर्शी ढंग से आकलन करने के निर्देश दिए।
एक सप्ताह के अंदर पूरा होगा सर्वे
उपनिदेशक कृषि डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि नुकसान की भरपाई के लिए फसल बीमा योजना के तहत जिले से व्यक्तिगत क्षति के कुल 31,000 दावे प्राप्त हुए हैं। राजस्व लेखपाल, कृषि विभाग एवं बीमा कंपनी की संयुक्त टीमों ने अब तक 20,000 दावों का सर्वे पूरा कर लिया है। शेष दावों का सर्वे आगामी एक सप्ताह में पूरा कर लिया जाएगा। सर्वे पूरा होने के बाद भारत सरकार के पोर्टल के माध्यम से बीमित किसानों की क्षतिपूर्ति राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी।
क्षतिग्रस्त सड़कों व रपटों के मरम्मत के निर्देश
डीएम ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को जलभराव एवं कटान से क्षतिग्रस्त एप्रोच मार्गों, सड़कों एवं रपटों का तत्काल मरम्मतीकरण कराकर आवागमन बहाल करने के निर्देश दिए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं की भी जानकारी ली। नावों की उपलब्धता, ऊंचे स्थानों पर राहत सामग्री एवं खान-पान की व्यवस्था तथा ग्राम सचिवालयों के आसपास फ्लड पीएसी एवं प्रशासनिक टीमों की तैनाती को प्रभावी रखने के निर्देश दिए हैं।